लखीमपुर कांड पर कांग्रेस पार्टी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को दावा किया है कि उन्हें उनकी पत्नी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह बात कही है। आपको बता दें कि लखीमपुर में जिस दिन यह घटना हुई थी, उसी दिन प्रियंका लखमीपुर पहुंचने की कोशिश की। उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया। उन्हें सीतापुर में रखा गया था। हालांकि आज उन्हें छोड़ दिया गया है। 

रॉबर्ट वाड्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में यह भी कहा कि उनकी पत्नी को जिस तरह से ‘गिरफ्तार’ किया गया, उससे वह स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा, ”मुझे पत्नी से मिलने और उनका हाल जानने के लिए लखनऊ जाने से रोक दिया गया। इससे मैं स्तब्ध हूं कि प्रियंका को भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है।”

वाड्रा के मुताबिक, उन्होंने मंगलवार को प्रियंका गांधी से बात की और इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि कांग्रेस महासचिव को कोई आदेश या नोटिस नहीं दिया गया है। उन्हें किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया और वकीलों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा।

उन्होंने कहा, ”मैं उनके लिए चिंतित हूं। मुझे लखनऊ जाना था, लेकिन सूचित किया गया कि मुझे हवाई अड्डे से बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि एक पति के तौर पर मैं अपनी पत्नी से मिल नहीं सकता और उनका सहयोग नहीं कर सकता।”

वाड्रा ने कहा, ”अच्छी बात है कि उनके पास व्यापक जनसमर्थन है। लेकिन मेरे के लिए मेरा परिवार और मेरी पत्नी सबसे पहले आते हैं। मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि वह जल्द रिहा हो जाएंगी और घर वापस आएंगी।”

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 



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