भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर से पाकिस्तान को आईना दिखाया है। सैन्य संघर्षों के दौरान नागरिकों के संरक्षण के मसले पर आयोजित कार्यक्रम में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में शामिल राजनयिक आर. मधुसूदन ने वैश्विक मंच से कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद को पालने-पोसने का इतिहास रहा है। दुनिया में कहीं भी कोई आतंकी घटना होती है तो उसकी जड़ कहीं न कहीं पाकिस्तान में मिलती है। यही नहीं उन्होंने कहा कि खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन भी तो पाकिस्तान में ही मिला था।
उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान के अधिकारियों ने यूएन के मंच का इस्तेमाल भारत पर मनगढ़ंत आरोप लगाने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद को शरण देने का इतिहास रहा है। दुनिया भर में फैल रहे आतंकवाद की जड़ कहीं न कहीं पाकिस्तान में ही मिलती है। ओसामा बिन लादेन समेत कई आतंकवादियों को पाकिस्तान ने शरण दी है। हम यहां नागरिक सुरक्षा की बात कर रहे हैं तो इसे सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद से है और पाकिस्तान का भारत के मुंबई में हुए आतंकी हमले से लिंक रहा है। यह नागरिकों पर हमले का सबसे बड़ा उदाहरण था।
#WATCH | Pakistan has an established history of harbouring, aiding, & actively supporting terrorists: R Madhusudan, Counsellor at Permanent Mission of India to the UN, over Pakistan Representative Munir Akram’s statements on India sponsoring terrorism in Pakistan
(Source: UN TV) pic.twitter.com/z8jQ4QxSmY
— ANI (@ANI) January 25, 2022
यही नहीं जम्मू-कश्मीर के मसले पर भी उन्होंने साफ किया कि इसका पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। इस मसले पर किसी भी तरह की वार्ता के लिए यह जरूरी है कि पाकिस्तान राज्य के कब्जाए हुए हिस्सों को खाली करे। यही नहीं जम्मू कश्मीर के मसले पर शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पत्र की याद भी उन्होंने पाकिस्तान को दिलाई। उन्होंने कहा, ‘पूरा लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। पाकिस्तान के प्रतिनिधि इसके बारे में क्या सोचते हैं, हमें इससे मतलब नहीं है। हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उन इलाकों को तत्काल खाली करे, जिन पर उसने अवैध कब्जा जमा रखा है।’







