लोकसभा ने रविवार को अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक-2020 (बाईलेटरल नेटिंग ऑफ क्वालिफाइड फाइनेंशियल कांट्रेक्ट बिल) को मंजूरी प्रदान कर दी। इस विधेयक के माध्यम से देश के वित्तीय बाजार में अर्हित यानी पात्र वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग की प्रवर्तनीयता का उपबंध करके वित्तीय स्थायित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। 

नेटिंग वित्तीय अनुबंधों के कर्ज, निपटान, नकदी और अन्य जोखिम को कम करने की एक एक व्यवस्था है। इसमें दो या उसे अधिक देनदारियों को जोड़कर शुद्ध देनदारी निकाली जाती है और उसका निपटान किया जाता है।

इसके तहत भुगतान के समय प्रत्येक पक्ष अपने द्वारा दी जाने वाली राशि को जोड़ेगा और सकल राशि में जो अंतर होगा यानी जो शुद्ध देनदारी होगी, उसका भुगतान संबंधित पक्ष करेगा।  

कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, बीजद के अनुभव मोहंती, तेदेपा के राममोहन नायडू और कुछ अन्य सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे निचले सदन में चर्चा एवं पारित होने के लिये पेश किया। सदन में संक्षिप्त चर्चा के बाद विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गयी। 

चर्चा का जवाब देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि वह सदस्यों का इस विधेयक का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देते हैं।     उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि दुनिया के करीब 50 देशों में इस तरह की कानूनी प्रावधान है। यह भारत के हित में है। मंत्री ने कहा कि इससे देश की वित्तीय प्रणाली को लाभ मिलेगा।



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