नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को कहा कि बैंक कर्ज की किस्तों की स्थगन अवधि के ब्याज को छोड़ना ‘‘वित्त के मूल सिद्धांत’’ के खिलाफ होगा और यह उन लोगों के प्रति भी अन्याय होगा जिन्होंने अपनी मासिक किस्तों का भुगतान तय समय
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