जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने विभिन्न उद्योग निकायों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई शुरू कर दी है। उच्चतम न्यायालय ने बैंकों द्वारा कर्जदारों से ब्याज पर ब्याज की वसूली पर रोक का आग्रह करने वाली विभिन्न याचिकाओं पर आज सुनवाई कर रहा है। इससे पहले इस मामले पर सुनवाई 18 नवंबर को हुई थी। रिजर्व बैंक द्वारा कोविड-19 महामारी के मद्देनजर ऋण की किस्तों के भुगतान पर रोक की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। बैंकों ने इस सुविधा का लाभ लेने वाले ग्राहकों से ऋण की मासिक किस्तों (ईएमआई) के ब्याज पर ब्याज वसूला है, जिसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई है। 

भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय पहले ही उच्चतम न्यायालय में अलग-अलग हलफनामा देकर कह चुके हैं कि बैंक, वित्तीय संस्थान और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी) पांच नवंबर तक पात्र कर्जदारों के खातों में चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज के अंतर के बराबर राशि डालेंगे। बैंकों ने इस अंतर को ग्राहकों के खाते में डाल दिये हैं और एसएमएस के जरिये ग्राहकों को इस बारे में जानकारी भी दी गई है।

Loan Moratorium Case: आज सुप्रीम कोर्ट में होगी ‘ब्याज पर ब्याज’ मामले पर सुनवाई



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