वंदे भारत मिशन के तहत भारत सरकार अब तक 45 हजार से ज्यादा देशवासियों को विदेश से वापस जा चुकी है. सरकार ने अब इस मिशन के विस्तार का फैसला किया है.

कोरोना वायरस की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को देश में वापस लाने के लिए सरकार ने वंदे भारत मिशन चला रखा है. विदेशों से और अधिक भारतीयों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन का विस्तार किया जाएगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे 45,000 से अधिक भारतीयों को अब तक वंदे भारत मिशन के तहत स्वदेश लाया जा चुका है. इसके साथ ही दावा किया गया है कि 13 जून तक और 1,00,000 लोगों को लाया जाएगा.

विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए यह अभियान सात मई को शुरू हुआ था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार लातिन अमेरिका के सुदूरवर्ती क्षेत्रों, कैरेबियाई क्षेत्रों, अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों में फंसे भारतीयों को भी निकालने में मदद कर रही है.

उन्होंने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर तक 45,216 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है. इनमें 8,069 प्रवासी कर्मचारी, 7,656 छात्र और 5,107 पेशेवर शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि लगभग 5,000 भारतीयों को नेपाल और बांग्लादेश से जमीनी रास्ते से लाया गया. उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य वंदे भारत मिशन के दूसरे चरण के अंत तक 60 देशों से 1,00,000 लोगों को लाने का है.

डोनाल्ड ट्रंप का दावा- चीन विवाद को लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here