वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि देश की कृषि क्षेत्र के दम पर अर्थव्यवस्था में तेजी लौटेगी और इसके ‘हरे कोपले’ दिख रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कृषि उत्पाद में खरीद, खाद बिक्री, ऊर्जा मांग, माल आवाजाही, डिजिटल ट्रांसजेक्शन और विदेशी मुद्रा आमदनी में वृद्धि से ये संकेत मिल रहे हैं।
वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, ”कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव है। सामान्य मॉनसून अर्थव्यवस्था के लिए मददगार होगा। सरकारी एजेंसियों ने 16 जून तक किसानों से रिकॉर्ड 382 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की है। यह 2012-13 की रिकॉर्ड खरीद से अधिक है। इसे कोविड-19 की महामारी की चुनौती और सोशल डिस्टेंशिंग के प्रतिबंधों के बीच अंजाम दिया गया है। 42 लाख किसानों को एमएसपी के रूप में कुल 73,500 करोड़ रुपए दिए गए हैं।”
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि इसी तरह 16 राज्यों में रिकॉर्ड 79.42 करोड़ रुपए के माइनर फॉरेस्ट प्रड्यूस खरीदे गए हैं। किसानों ने 19 जून तक 1.313 करोड़ हेक्टेयर भूमि में खरीफ की फसल बुआई की है, यह पिछले साल से 39 फीसदी अधिक है। तेल बीज, दाल और कपाल की खेती के रकबे में वृद्धि हुई है।







