देश में कोरोना की दूसरी लहर से आर्थिक संकट गहराने की आशंका है लेकिन इसका असर शेयर बाजार के निवेशकों पर होता नहीं दिख रहा है। वित्त वर्ष 2021 (अप्रैल, 2020 से लेकर मार्च, 2021) में शेयर बाजार से जुड़ने वाले नए निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज की साझा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में 14.2 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए। नए डीमैट खातों की संख्या इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब तीन गुना है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संकट के चलते बैंक जमा से लेकर बॉन्ड और रियल एस्टेट में निवेश पर निवेशकों को कम रिटर्न कम मिला रहा है। वहीं, शेयर बाजार ने जोरदार रिटर्न दिया है। मार्च, 2020 से बीएसई सेंसेक्स ने निवेशकों को 68 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसके चलते निवेशक शेयर बाजार की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। वहीं, वर्क फ्रॉम होम और छोटे शहरों में बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ने से भी निवेशकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
नियम सरल करने का भी फायदा मिला
विशेषज्ञों का कहना है कि नियामक द्वारा डीमैट से जुड़े नियमों को सरल बनाने का भी फायदा मिला है। केवाईसी प्रक्रिया को सरल करने, मोबाइल एप के जरिये ट्रेडिंग की सुविधा और इंटरनेट का विस्तार ने नए निवेशकों को बाजार से जोड़ने का काम किया है। इससे नए डीमैट खाते खोलने वाले तेजी से बढ़े हैं।
घर में रहने का भी असर
बड़े पैमाने पर डीमैट खाता खुलने की वजह यह रही कि तमाम लोग कोरोना की वजह से घरों में बैठने को मजबूर हैं, जिससे उनको शेयर बाजार से संबंधित पढ़ाई- लिखाई करने और अपना पोर्टफोलियो मैनेज करने का समय मिला है। बाजार के जानकारों का कहना है कि मार्च में बड़ी गिरावट के बाद मई से बाजार में जो तेजी आई है, उससे रिटेल निवेशकों का पैसा बना है। इससे उनका हौसला बुलंद है।
महिला निवेशकों की भी हिस्सेदारी बढ़ी
शेयर बाजार में जुड़ने वाले नए निवेशकों में ज्यादातर मिलेनियल्स और महिलाएं हैं। शेयर ट्रेडिंग कंपनी शेयरखान के मुताबिक, 2020 के मुकाबले 2021 में 77 फीसदी अधिक महिलाएं ने डीमैट खाता खोला। वहीं, 2019 के मुकाबले 2020 में महिलाओं द्वारा ट्रेडिंग खाते खोलने में 66 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी।
Share Market: सेंसेक्स 350 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 14750 पार







