देश का विदेशी मुद्रा भंडार 24 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 99.7 करोड़ डॉलर कम होकर लगातार तीसरे सप्ताह गिरते हुए 638.64 करोड़ डॉलर पर आ गया जबकि इसके पिछले सप्ताह यह 1.47 अरब डॉलर घटकर 639.6 अरब डॉलर रहा था।

रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 24 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.25 अरब डॉलर कम होकर 576.73 अरब डॉलर रहा। इस दौरान स्वर्ण भंडार 32.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.43 अरब डॉलर पर रहा। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.5 करोड़ डॉलर घटकर 19.38 अरब डॉलर पर रहा। अंतरार्ष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि 1.3 करोड़ डॉलर कम होकर 5.1 अरब डॉलर रह गया।

यह भी पढ़ेंः महंगाई की मार! पेट्रोल-डीजल के बाद CNG और PNG की कीमतों में इजाफा, जानें कितना बढ़ा दाम

स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी से भारत की साख में मिलेगी मदद

भारतीय प्रबंधन संस्थान-अहमदाबाद के एक शोध में शुक्रवार को कहा गया कि 2018 से आरबीआई के स्वर्ण भंडार में हुई बढ़ोतरी से भारत की संप्रभु रेटिंग में मदद मिलेगी। संस्थान के ‘भारत स्वर्ण नीति केंद्र’ द्वारा 2020 को समाप्त होने वाले दो दशकों के लिए 48 देशों के अध्ययन में कहा गया कि केंद्रीय बैंक के स्वर्ण भंडार के उच्च स्तर का अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उस देश के सरकारी ऋण जोखिम को कम करने में काफी प्रभाव पड़ता है। शोध छात्र सावन राठी और प्रोफेसर संकेत महापात्र और अरविंद सहाय के अध्ययन में कहा गया, मौजूदा परिदृश्य में निष्कर्षों का प्रभाव भारत के लिए सकारात्मक है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार शोधकर्ताओं ने अर्थव्यवस्था में चूक जोखिम को मापने के लिए 2000 से 2020 तक 20 साल के लिए 48 उन्नत और उभरते देशों के पांच साल के सरकारी ऋण चूक अदला-बदली (सीडीएस) व्यवस्था पर विचार किया। बयान में कहा गया कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल से मिले आंकड़ों की केंद्रीय बैंक की स्वर्ण भंडार सूचना से तुलना की गई। महापात्र ने कहा कि 2018 के बाद से आरबीआई के स्वर्ण भंडार में सामान्य वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ेंः पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज फिर हुआ इजाफा, चेक करें अपने शहर का रेट

संबंधित खबरें



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here