स्वर्ण भंडार में बड़ी वृद्धि के दम पर 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.62 अरब डॉलर बढ़कर 538.19 अरब डॉलर के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार सातवें सप्ताह बढ़ा है। रिजर्व बैंक ने 07 अगस्त को समाप्त सप्ताह में सोने की बड़े पैमाने पर खरीद की। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 2.16 अरब डॉलर बढ़कर 39.79 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अगर ताजा आंकड़ों की बात करें शक्तिकांत दास के पद संभालने के बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में 99 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
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इसी अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.46 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 492.29 अरब डॉलर हो गई जो देश के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक है। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 70 लाख डॉलर घटकर 4.63 अरब डॉलर रह गया जबकि विशेष आहरण अधिकार 60 लाख डॉलर बढ़कर 1.48 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 11.94 अरब डॉलर की भारी वृद्धि के साथ 534.57 अरब डॉलर हो गया था।
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बैंक आफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के पद संभालने के बाद से ही विदेशी मुद्रा भंडार में 81 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। शक्तिकांत दास ने दिसंबर 2018 में रिजर्व बैंक के गवर्नर कार्यभार संभाला था। उनके बैंक के गवर्नर रहते विदेशी मुद्रा भंडार रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। उनके प्रयासों के चलते बिमल जालान, वाई वी रेड्डी जैसे रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नरों का समय याद आ गया।
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उनके समय में पहली बार देश का आरक्षित कोष आयात को पूरा करने लायक पर्याप्त स्तर पर पहुंचा था। देश का 516 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी प्रतिकूल स्थिति से बचाने के लिए काफी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार करीब 15 महीने की आयात जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है।







