Edited By Ankit Ojha | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • अमेरिका सरकार ने स्टूडेंट्स पर लगाए प्रतिबंध वापस लेने का फैसला किया है
  • 6 जून को आईसीई ने फैसला किया था कि जो छात्र ऑनलाइन क्लासेज ले रहे हैं उनका वीजा वापस ले लिया जाए
  • कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों ेन इसका विरोध किया और कानून का सहारा लिया

न्यूयॉर्क

वीजा को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने जो विवादित फैसला किया था, आखिरकार कोर्ट की दखल के बाद उसे वापस लेना पड़ा है। ट्रंप सरकार ने फैसला किया था कि जिन विदेशी छात्रों ने कोरोना के दौरान ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प चुना है उनका वीजा वापस ले लिया जाएगा।

यूनिवर्सिटी ऑफ हार्वर्ड और दूसरे कई संस्थानों ने सरकार के खिलाफ कानून का सहारा लिया और उन्होंने यूएस इमिग्रेशन ऐंड कस्टम्स एनफोर्स (ICE) के 6 जुलाई को लिए गए फैसले का विरोध किया। जज ऐलिसन बरॉ ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘सरकार अपना फैसला वापस लेने को तैयार हो गई है। कोई नया नियम लागू नहीं किया जा रहा है।’

हार्वर्ड और एमआईटी ने कोर्ट में याचिका दी थी कि ICE द्वारा दिए गए आदेश को निरस्त किया जाए। इसमें कहा गया था कि जो स्टूडेंट ऑनलाइ क्लास ले रहे हैं उन्हें वापस अपने देश जाना होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई संस्थानों के खिलाफ कदम उठाए थे जो कि फिर से कामकाज शुरू करना चाहते थे।

विश्वविद्यालयों ने कहा था कि अगर इस तरह का कदम उठाया जाता है तो न केवल व्यक्तिगत रूप से लोगों को नुकसान होगा बल्कि वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ेगा। 2018-19 अकैडमिक इयर में अमेरिका में लगभग 10 लाख विदेशी स्टूडेंट थे।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here