अगर आप विदेश पैसा भेजते हैं तो नए नियमों के मुताबिक 1 अक्टूबर से पांच फीसदी टैक्स देना होगा. सरकार ने 1 अक्टूबर से इस पर TCS लगाने का फैसला किया है. 2020 के फाइनेंस एक्ट के मुताबिक  RBI के Liberalised remittance scheme के तहत विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर 5 फीसदी TCS यानी Tax Collected at Source देना होगा.

नियम में छूट

हालांकि सरकार ने इस मामले में कुछ छूट भी दी है. इनके तहत विदेश भेजे जाने वाले सभी पैसों पर यह टैक्स लागू नहीं होगा.  छूट नियमों के मुताबिक 7 लाख रुपये से कम होने या कोई टूर पैकेज खरीदने पर टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा विदेश भेजे जाने वाली 7 लाख रुपये से अधिक की राशि पर यह टैक्स तभी लागू होगा, जब यह किसी टूर पैकेज के लिए नहीं होगी.

1 अक्टूबर से लागू होगा नियम

पढ़ाई के लिए बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लेकर भेजे जाने पैसे अगर 7 लाख रुपये से ज्यादा है तो तो 0.5 फीसदी TCS लगाया जाएगा. नए नियमों अगर विदेश पैसे भेजने वाले की टीडीएस कटौती  चुकी है तो टीसीएस नहीं लगेगा. 17 मार्च को फाइनेंस एक्ट में इन नियमों का ऐलान किया गया है। जो कि 1 अक्टूबर से लागू होंगे.

योजना के दुरुपयोग को लेकर सरकार ने उठाया कदम

सरकार का कहना है कि लोग उदार धन भेजने की योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसके तहत साल में ढाई लाख डॉलर तक की राशि विदेश भेजने की अनुमति है. सरकार चाहती है कि ऐसे लोगों से टैक्स वसूला जाए. यदि वे बिना पैन नंबर के धन भेजते हैं तो दस फीसदी टीडीएस कटेगा. यदि वे रिटर्न नहीं फाइल करते हैं तो यह राशि जब्त हो जाएगी. इसी प्रकार इलाज के लिए विदेश जाने वालों को भी पांच फीसदी टैक्स भरना होगा.

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