नोएडा के बड़े घोटालो में से एक वेबवर्क में सीबीआई ने 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस कंपनी ने पांच माह में ही पांच सौ करोड़ से अधिक का घोटाला कर लिया था। जिसमें ढाई लाख से अधिक लोगों के ठगे जाने का अनुमान था।
इस कंपनी को अनुभव मित्तल की ठग कंपनी एल्बेज की तरह ही माना गया था, लेकिन एल्बेज का खुलासा 2 फरवरी 2017 को होने के बाद यह ज्यादा दिन तक लोगों को ठग नहीं सकी। एल्बेज कंपनी में जहां एक क्लिक पर पांच रुपये दिए जाते थे, वहीं यह कंपनी एक क्लिक के छह रुपये दे रही थी। जिस कारण बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ने लगे थे। यदि एल्बेज का खुलासा न हुआ होता तो यह कंपनी उससे भी बड़ा घोटाला कर सकती थी।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार एल्बेज ने 3700 करोड़ से अधिक का घोटाला किया है, जबकि वेब वर्क के घोटाले को 200 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है। एल्बेज कंपनी का खुलासा नोएडा एसटीएफ ने 2 फरवरी 2017 को किया था। जिसके द्वारा साढ़े छह लाख लोगों को ठगे जाने का दावा किया गया था। इस कंपनी की शुरुआत अगस्त 2015 में हुई थी। 18 माह में कंपनी ने 37 सौ करोड़ से ज्यादा की ठगी की थी, जबकि सितंबर 2016 में खुली वेब वर्क कंपनी ने पांच माह में ही 500 करोड़ से अधिक का घोटाला किया था, उसमें निवेश भी तेजी से बढ़ रहा था।
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फरवरी 2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा
नोएडा में सितंबर 2016 में सेक्टर 2 के डी-57 में वेब वर्क और एबीसीपी कंपनी खोली गई थी। दोनो ही कंपनी एक थी। जिनका संचालन अनुराग गर्ग द्दारा किया जा रहा था। जिनके खिलाफ पहला मुकदमा 14 फरवरी 2017 को सेक्टर 20 थाने में अमित कुमार जैन ने दर्ज कराया था। अमित ने इस कंपनी में 3 लाख 45 हज़ार रुपये का निवेश किया था। कुछ दिन तो इनको पैसा मिलता रहा, लेकिन बाद में पैसा आना बंद हो गया। कंपनी की वेबसाइट भी बंद हो गई। जिसके बाद अमित ने वेब वर्क कंपनी के मालिक को अनुराग गर्ग और सन्देश वर्मा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी और शाहरूख खान का भी नाम जुड़ा था कंपनी से
घोटाला करने वाली इस कंपनी के साथ बॉलीवुड़ के बादशाह खान यानि शाहरूख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी जुड़ चुका है। 10 दिसंबर 2016 को नवाजुद्दीन से वेबवर्क ने एड्सबुक.कॉम को लॉन्च कराया था। कंपनी के वेब पोर्टल एड्सबुक डॉट कॉम के प्रचार में अभिनेता शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आए थे। ये दोनों अपनी फिल्म रईस के प्रमोशन के दौरान एड्सबुक के प्रचार से जुड़े थे। नवाजुद्दीन इसके विज्ञापनों में लगातार चैनलों और अखबारों में नजर आते रहे। दोनों अभिनेता वेबवर्क की कई पार्टियों में भी शामिल हुए थे। जिसको लेकर जांच की मांग उठी थी। पुलिस द्वारा दावा किया गया था सोशल ट्रेडिंग से जुड़ी कंपनी में कुछ बॉलीवुड अभिनेताओं के परिजनों और रिश्तेदारों ने मोटा पैसा लगाया है। गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, मेरठ में रह रहे अभिनेताओं के परिजनों ने 80 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम नोटबंदी के बाद इन कंपनियों में लगाई है।
मेरठ के बुढ़ाना गेट निवासी एक ऐसे ही व्यक्ति के खाते से करीब 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लगाने का दावा किया गया था। मुजफ्फरनगर के एक शख्स ने 50 करोड़ से अधिक की रकम ऑनलाइन ठगी के कारोबार में लगाई, जिसका कनेक्शन बॉलीवुड से जुड़े लोगों से है। उसने 10 से 25 नवंबर के बीच करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लगाई। इस दौरान मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में आईडी भी लगाई गई हैं। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज (डीजीसीईआई) का कहना था कि मुजफ्फरनगर से 10 नवंबर के बाद करीब 15 दिन के अंदर अचानक से सोशल ट्रेडिंग के बिजनेस में आईडी लगाई गई है। इसमें 30 आईडी के जरिये बड़ी रकम लगाई गई थी।
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नोटबंदी के दौरान लगायी गई रकम ठिकाने
कंपनियों से लाइक के लिए पैक खरीदने वाले ग्राहकों की आईडी का प्रयोग नोटबंदी के दौरान रकम को ठिकाने लगाने के लिए भी हुआ था। पुलिस के अनुसार इसके जरिये अतिरिक्त पैक की खरीदी दिखाई गई। जबकि पैसा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से नहीं, बल्कि कैश में बैंक में जमा किया गया। इसमें बैंक अधिकारियों पर भी कंपनी को सहयोग करने के आरोप लगे।
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