पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए पांचवे चरण की वोटिंग से पहले ममता बनर्जी के एक कथित ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो क्लिम में कथित रूप से ममता बनर्जी टीएमसी के एक उम्मीदवार से बात कर रही हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को 10 अप्रैल को कूचबिहार में हुई हिंसा में मारे गए चार लोगों के शवों के साथ रैलियां करने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है। 

ममता बनर्जी और पार्टी प्रत्याशी पार्थ प्रतिम रे के बीच कथित ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, मुख्यमंत्री अपने पार्टी के नेताओं को शवों के साथ रैलियां करने के लिए कहकर दंगे भड़काने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा आईटी सेल के अमित मालवीय ने ऑडियो को ट्वीट कर टीएमसी पर आरोप लगाया है कि मौतों पर राजनीति टीएमसी के दिवालियापन को साबित कर रहा है।

बीजेपी बोली केस को फ्रेम करने की कोशिश है यह

पीटीआई से बात करते हुए अमित मालवीय ने कहा कि उन्हें अपने पार्टी के उम्मीदवार से इस तरह से केस को फ्रेम करने के लिए कहा गया है, ताकि पुलिस अधीक्षक (कूचबिहार) और अन्य केंद्रीय बलों के कर्मियों को फंसाया जा सके। क्या एक मुख्यमंत्री से इस तरह की उम्मीद की जा सकती है? वो अल्पसंख्यक वोटरों में भय पैदा करना चाहती हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी अपने ट्विटर हैंडल से ऑडियो क्लिप को शेयर कर टीएमसी पर हमला बोला है। जेपी नड्डा ने इसे मौत पर राजनीति करार देते हुए कहा कि टीएमसी को खुद पर शर्म आनी चाहिए। 

कूचबिहार में हिंसा में हुई थी चार लोगों की मौत

बता दें कि चौथे चरण के चुनाव में कूचबिहार जिले के सीतलकुची में एक मतदान केंद्र पर हिंसा भड़कने के बाद सुरक्षाबलों की ओर से की गई कार्रवाई में चार लोगों की जान चली गई थी। तृणमूल के सीतलकुची उम्मीदवार ने ऑडियो क्लिप को करार दिया है। उन्होंने कहा है कि ऐसी बातचीत कभी हुई ही नहीं। रे ने कहा कि यह ऑडियो क्लिप पूरी तरह से फर्जी है। भाजपा पांचवें चरण के मतदान से पहले लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। बता दें कि हिन्दुस्तान इस ऑडियो क्लिप की सत्यता को लेकर कोई दावा नहीं करता है।
 





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