केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से कुछ ब्रांडेड शहद में मिलावट को लेकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही वर्गीकृत कार्रवाई करने के लिए जांच में सहयोग की भी पेशकश की है। पिछले हफ्ते पर्यावरण संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली एक संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने दावा किया था कि भारत में बेचे जा रहे कई ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट पाई गई है। हालांकि कंपनियों ने इन दावों को खारिज कर दिया।

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर शहद में मिलावट की खबरों पर चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि विभाग को खबर मिली है कि बाजार में बेचे जा रहे अधिकतर ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट है। यह गंभीर मसला है और कोविड-19 महामारी के दौर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकता है। यह कोविड-19 को लेकर जोखिम को बढ़ाने वाला है।

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उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए को मामले में दखल देने का निर्देश दिया है। सीसीपीए ने मामले में एफएसएसएआई को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है। सीएसई ने 13 शीर्ष ब्रांड के साथ-साथ कई छोटे ब्रांड के प्रसंस्कृत और कच्चे शहद में शुद्धता की जांच की। सीएसई ने पाया कि शहद के 77 प्रतिशत नमूनों में चीनी की मिलावट पायी गई। परीक्षण किए गए 22 नमूनों में से मात्र पांच ही सभी तरह के परीक्षणों में खरे उतरे।



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