सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में इंटरनैशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने 1991-92 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पहली बार सचिन तेंदुलकर को देखना याद किया।  स्पिन लीजेंड शेन वॉर्न उन दिनों को याद किया, जब उन्होंने सचिन को पहली बार देखा तो उनकी उम्र 21 साल थी। 

1991-92 की सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम, ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी। इस टीम में सचिन तेंदुलकर भी शामिल थे। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर शेन वॉर्न ने पहली बार सचिन को गेंदबाजी की थी। सचिन के साथी अपनी पहली भिड़ंत पर शेन वॉर्न ने कहा, ”पहले टेस्ट में सचिन 21 साल के थे, लेकिन वह 10 साल के लग रहे थे। मुझे लगा कि इस शख्स में कुछ खास है। वह मैदान के चारों ओर शानदार शॉट्स मार रहा था। वह बहुत एलिगेंसी के साथ खेल रहा था। उसके लिए यह सब बहुत आसान था।” वॉर्न ने स्काई स्पोर्ट्स पर इंग्लेंड और पाकिस्तान के टेस्ट मैच में कमेंटरी के दौरान यह कहा। 

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यह सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच था। शेन वॉर्न ने कहा कि उन्हें यह मैच इस वजह से याद है, क्योंकि तेंदुलकर ने इसमें 148 रनों की नाबाद पारी खेली थी। सचिन की इसी पारी की वजह से भारत यह मैच ड्रॉ करा पाया था। सीरीज में सचिन का यह दूसरा शतक था। दो टेस्ट के बाद पर्थ का सरफेस बाउंसी हो गया था। वह सिर्फ 21 साल के थे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो शानदार शतक जड़ चुके थे। 

शेन वॉर्न जानते थे कि तेंदुलकर कितने अच्छे खिलाड़ी होने वाले हैं, क्योंकि बल्लेबाज एक महान बल्लेबाज की लेग स्पिनर की परिभाषा के हर मापदंड पर वह खरा उतर रहे थे। वॉर्न ने कहा, ”अच्छे खिलाड़ी, यदि उन्हें स्कोर करने के लिए एक अच्छी गेंद मिलती है, तो वे फील्डर पर नहीं मारते। वह गैप्स ढूंढते। बाउंड्री जड़ते हैं और बॉलर पर दबाव बनाते हैं।”

सचिन तेंदुलकर का कद छोटा था, लेकिन अपने समय के दिग्गज गेंदबाजों के लिए उनका कद बहुत बड़ा था। बहुत से गेंदबाज यह स्वीकार करते हैं कि उन्हें आउट करना सबसे मुश्किल था। सचिन ने 24 साल के अपने शानदार करियर में 22 गज की पिच पर सिर्फ अपना कब्जा कर रखा था और इस दौरान उनके बल्ले से निकले रिकॉर्ड्स ने पूरी दुनिया को चकाचौंध कर रखा था। 

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बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 200 टेस्ट और 463 वनडे खेले हैं। सचिन ने कुल 664 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। सचिन ने कुल 34357 रन बनाए। 463 वनडे इंटरनैशनल मैचों में 18426 और 200 टेस्ट मैचों 15921 रन बनाए। जहां तक टी20 इंटरनैशनल की बात है तो सचिन ने सिर्फ एक ही मैच खेला और उसमें 10 रन बनाए।

टेस्ट और वनडे में सर्वाधिक मैच, रन और शतक इस बात का प्रमाण हैं कि खेल के प्रति उनका समर्पण अद्वितीय था। सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले दुनिया के पहले एकमात्र क्रिकेटर हैं। इसमें 49 शतक वनडे और 51 टेस्ट शतक लगाए। इसके अलावा उन्होंने प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी20 तीनों प्रारूपों में कुल मिलाकर 142 शतक लगाए हैं।





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