शेयर बाजार में पिछले सप्ताह देखी गई तेजी के निकट भविष्य में जारी रहेगी या नहीं ? इस हफ्ते शेयर बाजार पर विप्रो और इंफोसिस जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजों का कितना पड़ेगा असर? वैश्विक घटनाक्रम, कोरोना और रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने का फैसला, ये सारे फैक्टर शेयर बाजार पर किस प्रकार और कितना असर डालेंगे? इन सभी सवालों के जवाब आइए एक्सपर्ट से जानें..
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार से अधिक राहत उपायों की उम्मीद और कुछ खास शेयरों में तेजी के चलते ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की नजर प्रमुख आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों और व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। रिजर्व बैंक के विकास अनुमान का बाजार पर सकारात्मक असर हुआ है। अंतिम तिमाही में अर्थव्यवस्था के सकारात्मक जोन में आ जाने के अनुमान का बाजार पर अगले सप्ताह भी असर बना रह सकता है।
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हालांकि अब तक वैश्विक घटनाक्रम और कोरोना वायरस के संक्रमण में वैश्विक स्तर पर आ रही शिथिलता का भी बाजार पर असर दिख सका है। वहीं वैश्विक घटनाक्रम के साथ ही घरेलू स्तर पर रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने और अर्थव्यवस्था के तेजी से पटर पर लौटते हुए चौथी तिमाही में सकारात्मक बढोतरी होने के रिजर्व बैंक के अनुमान से बीते सप्ताह तेजी रही और अगले सप्ताह भी तेजी बने रहने की संभावना जताई गयी है।
बीते हफ्ते 4.68 प्रतिशत अर्थात 1812.44 अंक चढ़ा सेंसेक्स
समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 4.68 प्रतिशत अर्थात 1812.44 अंक बढ़कर 40509.49 अंक के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4.36 प्रतिशत अर्थात 497.25 अंक चढ़कर 11914.20 अंक पर टिका। बीते सप्ताह पांचों दिन शेयर बाजार में तेजी रही। कंपनियों विशेषकर आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणाम का असर भी बाजार दिखा और तेजी को बनाये रखने में काफी मदद किया। इस अवधि में जहां दिग्गज कंपनियों में जबदस्त तेजी रही वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली देखी गयी। इसके कारण बीएसई का मिडकैप 0.32 प्रतिशत अर्थात 47.7 प्रतिशत गिरकर 14765.55 अंक पर रहा। बीएसई का स्मॉलकैप 0.03 प्रतिशत अर्थात 4.23 अंक उतरकर 14966.21 अंक पर रहा।
बाजार में उतार-चढ़ाव का अनुमान
चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमित बागडि़या ने कहा, ”आगामी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव का अनुमान है। आईआईपी, सीपीआई के आंकड़े और तिमाही आय के नतीजे निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित करेंगे। बाजार रुपये की चाल और कोविड-19 के मामलों पर भी नजर रखेगा। विश्लेषकों ने कहा कि शेयर बाजार अब कंपनियों के तिमाही नतीजों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। इस सप्ताह विप्रो और इंफोसिस के नतीजे आएंगे। इसके साथ ही व्यापक आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक रुझानों पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि बाजार के आगे सकारात्मक रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ खास सेक्टर या शेयरों में तेजी रहेगी। निवेशक अब तिमाही आय के नतीजों पर नजर रखेंगे।
प्रोत्साहन पैकेजों से वृद्धि को बल मिलेगा
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के प्रमुख (खुदरा शोध) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ”अमेरिका और भारत सरकार, दोनों के प्रोत्साहन पैकेजों से वृद्धि को बल मिलेगा। इस सप्ताह भारत के मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े आएंगे, जिस पर निगाह रहेगी। विप्रो, इंफोसिस, माइंडट्री, फेडरल बैंक और एचसीएल टेक्नालॉजीज लिमिटेड इस सप्ताह अपनी कमाई की घोषणा करेंगी। यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी और मझगांव डॉक के शेयर सोमवार को बाजार में सूचीबद्ध होंगे।







