पिछले दिनों नोमुरा सहित कई रेटिंग एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर में कटौती की थी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 की विकास से दर से आगे बढ़ेगी। संयुक्त राष्ट्र ने अपने पुराने अनुमान की तुलना में 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी की है। भारत इस समय कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित है। जिसके कारण देश के अलग-अलग राज्यों में लाॅकडाउन लगा हुआ है और वित्तीय गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं। 

यूएन के अनुसार 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था 10.1 फीसदी की तेजी के साथ आगे बढ़ेगी। यूएन ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘भारत इस समय कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित है।  वैक्सीन व्यवस्था का विस्तार भी बारबार ढंग से नहीं हो पा रहा है।’ 

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वैश्विक आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान को 5.4 प्रतिशत तक बढ़ाया

चीन और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से सुधार के चलते संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को 2021 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान को संशोधित कर 5.4 प्रतिशत कर दिया। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी भी दी कि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी और टीकों की अपर्याप्त उपलब्धता के कारण कई देशों में सुधार की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
     
संयुक्त राष्ट्र ने इससे पहले जनवरी में 4.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था, जबकि ‘मध्य 2021 विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और चीन की अगुवाई में कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने तेजी से टीकाकरण किया और इससे वैश्विक व्यापार में बढ़ोतरी हुई।’ संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि यह दुनिया की बाकी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के लिए पर्याप्त नहीं और दक्षिण एशिया, उप-सहारा अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के लिए आर्थिक परिदृश्य अनिश्चित हैं।



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