राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई स्थित मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो प्लांट करने के आरोप में मुंबई पुलिस के एक अधिकारी सचिन वाझे को गिरफ्तार कर लिया है। वाझे से जांच एजेंसी ने काफी देर तक पूछताछ की। उन्हें यानी (13 मार्च को) रात करीब साढ़े 11 बजे गिरफ्तार किया गया है।
एनआईए के अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटक मामले में शनिवार की सुबह सचिन वाझे को जांच के लिए बुलाया था। वह पहले जांच की कमान संभाल रहे थे और स्कॉर्पियो का इस्तेमाल करने के लिए उनका नाम सामने आया था। एनआईए का कहना है कि मामले में उनकी संलिप्तता सामने आई है।
NIA arrests Mumbai police officer Sachin Vaze in connection with its investigation into the recovery of explosives from a car parked near Mukesh Ambani’s house in Mumbai https://t.co/6AZvHH6rz2
— ANI (@ANI) March 13, 2021
एक शीर्ष अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर हिन्दुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी है। सचिन वाझे ने 25 फरवरी को कारमाइकल रोड (एंटीलिया के पास) पर विस्फोटक लदे स्कॉर्पियो लगाने वाले समूह का हिस्सा होने की बात कबूल कर ली है। एएनआई ने यह भी बताया कि वाझे को आईपीसी की धारा 286, 465, 473, 506(2), 120 B और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(a)(b)(I) के तहत गिरफ्तार किया गया है। उनपर या धाराएं 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी कार को प्लांट करने में शामिल होने के आरोप में लगाए गए हैं।
आपको बता दें कि बिजनेसमैन मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एटीएस और एनआई ने सचिन वाझे से पूछताथ की है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद सरकार ने विस्फोटक वाली कार के मामले में जांच अधिकारी बनाए गए वाझे का ट्रांसफर कर दिया था। एनकाउंटर स्पेशलिट के रूप में मशहूर रहे वाझे ने ठाणे सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याजिका भी दायर की थी। कोर्ट ने उनकी मांग खारिज कर दी।
कौन हैं सचिन वाझे?
49 साल के वाझे महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले हैं और वह 1990 में एक सब-इंस्पेक्टर के रूप में महाराष्ट्र पुलिस में भर्ती हुए थे। सबसे पहले उनकी पोस्टिंग नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में हुई थी और फिर ठाणे में तैनाती हुई। मुंबई पुलिस में आने के बाद वह एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में मशहूर हुए। वाझे ने अंडरवर्ल्ड के कई गैंगस्टर्स के एनकाउंटर में हिस्सा लिया। बताया जाता है कि उन्होंने 5 दर्जन से अधिक अपराधियों को इन मुठभेड़ों में मार गिराया। बताया जाता है कि वाझे टेक्नॉलजी की अच्छी जानकारी रखते हैं और उन्होंने कई साइबर क्राइम और आपराधिक केसों को भी उन्होंने सुलझाया था।
गौरतलब है कि दक्षिण मुंबई में अंबानी के बहुमंजिला घर ‘एंटीलिया’ के निकट 25 फरवरी को एक ‘स्कॉर्पियो’ कार के अंदर जिलेटिन की 20 छड़ें रखी हुई मिली थीं। पुलिस ने कहा था कि कार 18 फरवरी को ऐरोली-मुलुंड ब्रिज से चोरी हुई थी। वाहन के मालिक हीरेन मनसुख शुक्रवार को ठाणे में मृत पाये गये। हालांकि, बाद में अनिल देशमुख ने कहा था कि गाड़ी के असल मालिक हिरेन मनसूख नहीं थे। पुलिस ने कहा था कि गाड़ी 18 फरवरी को चोरी हुई थी। यह गाड़ी चोरी होने से पहले हिरने मनसूख के पास थी, जो बीते दिनों मृत मिला था।







