असम-मिजोरम के बीच छिड़ा सीमा विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अब असम पुलिस ने मिजोरम के राज्यसभा सांसद के वनलालवेना से पूछताछ के लिए एक टीम को दिल्ली भेजने की तैयारी की है। मिजोरम सांसद ने सीमा के पास उन्हें रोकने और उनपर अकारण हमले का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने असम पुलिस को जान से मारने की धमकी तक डे डाली थी। बता दें कि दोनों राज्यों की पुलिस फोर्स के बीच हुई हिंसा में असम पुलिस के छह जवान और एक नागरिक की मौत हो गई थी।
असम पुलिस ने इस हिंसा के पीछे साजिश बताई थी और यह भा कहा था कि मिजोरम सांसद का इसमें हाथ था। इसके बाद सांसद वनलालवेना ने सार्वजनिक तौर पर असम पुलिस को जान से मारने की धमकी दी थी।
संसद के बाहर के वनलालवेना ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था, ‘200 से ज्यादा पुलिसवाले हमारे क्षेत्र में घुसे और उन्होंने हमारे पुलिसकर्मियों को उनकी पोस्ट्स से पीछे धकेला। हमारे गोली चलाने से पहले उन्होंने फायरिंग के आदेश दिए। वे खुशनसीब थे कि हमने उन सबको मारा नहीं। अगर वे वापस आए तो हम उन सबको जान से मार डालेंगे।’
असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जीपी सिंह ने बुधवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर बताया कि उनकी टीम राज्यसभा सांसद के वनलालवेना के मीडियो को दिए बयान और उनके घटना के पीछे की साजिश से संबंधित कार्रवाई की योजना बना रही है। इस साजिश में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत हैं।
@assampolice also announces a reward of INR 5 lacs for information leading to arrest of each of the individuals involved in the barbaric killing of the Assam Police personnel on July 26th 2021
— GP Singh (@gpsinghips) July 28, 2021
कछार जिले के इनर लाइन रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में सोमवार सुबह शुरू हुई हिंसा में 45 लोग घायल हुए थे। हिंसा के बाद दोनों राज्यों ने एक दूसर पर आरोप लगाए थे। अशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को असम और मिजोरम दोनों के वरिष्ठ अधिकारियों से दो घंटे से अधिक समय तक मुलाकात की और अर्धसैनिक बलों की पोस्टिंग बढ़ाने का फैसला किया।







