असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता तरुण गोगोई का 84 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने बताया कि लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री का आज शाम पांच बजकर 34 मिनट पर देहांत हो गया। तरुण गोगोई 2001 से 2016 तक असम के मुख्यमंत्री रहे।
कांग्रेस के 84 वर्षीय दिग्गज नेता को कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने के बाद पैदा हुई दिक्कतों की वजह से दो नवंबर को जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई सारे अंगों के निषक्रिय पड़ने के बाद वह जीवन रक्षक प्रणाली के सहारे से थे। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी और अस्पताल के अधिकारियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी।
तरुण गोगोई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने कहा, ”श्री तरुण गोगोई जी एक लोकप्रिय नेता और एक वयोवृद्ध प्रशासक थे, जिन्हें असम के साथ-साथ केंद्र में भी राजनीतिक अनुभव था। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरे विचार उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति।”
Shri Tarun Gogoi Ji was a popular leader and a veteran administrator, who had years of political experience in Assam as well as the Centre. Anguished by his passing away. My thoughts are with his family and supporters in this hour of sadness. Om Shanti. pic.twitter.com/H6F6RGYyT4
— Narendra Modi (@narendramodi) November 23, 2020
इससे पहले तरुण गोगोई के स्वास्थ्य में रविवार सुबह मामूली सुधार देखा गया था। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के अधीक्षक अभिजीत शर्मा ने बताया था उनके गुर्दे ठीक से काम कर सकें, इसके लिए दिन में चिकित्सकों ने डायलिसिस का पहला चक्र पूरा किया था।
तरुण गोगोई के बेटे और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई असम के मुख्य सचिव जीष्णु बरूआ के साथ शनिवार रात अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, गोगोई की बेटी और बहू भी रविवार को अस्पताल पहुंची थीं। शनिवार रात से ही सांसद, विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अस्पताल में डेरा डाले हुए थे।







