सरकारी कर्मचारी के लिए बड़ी अपडेट है। सरकार ने जीपीएफ  (Government Provident fund) की नई ब्याज दरें लागू कर दी हैं। सरकार की तरफ से जारी नई ब्याज दरें जुलाई से सितम्बर तक लागू रहेंगी। सरकार की तरफ से एक बार फिर जीपीएफ की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने 7.1% का इंटररेस्ट रेट वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए भी बरकरार रखा है। जीपीएफ की नई दरें पीपीएफ के समानांतर ही हैं। 

यह लगातार छठीं तिमाही है जब जीपीएफ की ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है। इससे पहले आखिरी बार अप्रैल 2020 में जीपीएफ की ब्याज दरों में कटौती हुई थी। जब इसे 7.9% से घटाकर 7.1% कर दी गई थी। जिसके बाद लगातार यह बरकार है। 

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इन सभी स्कीम पर लागू होगी ये ब्याज दर – 

1- जनरल प्रोविडेंट फंड (सेन्ट्रल सर्विस) 

2- काॅन्ट्रिब्यूट्री प्रोविडेंट फंड 

3- आल इंडिया सर्विस प्रोविडेंट फंड 

4- स्टेट रेलवे प्रोविडेंट फंड

5- जनरल प्रोविडेंट फंड (डिफेंस सर्विस) 

6- इंडियन ऑर्डेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड

7- इंडियन ऑर्डेंस फैक्ट्रीज वर्कमेन्स प्रोविडेंट फंड 

8- इंडियन नावल डाॅकयार्ड वर्कमेन्स प्रोविडेंट फंड 

9- डिफेंस सर्विस ऑफिसर्स प्रोविडेंट फंड 

10- आर्मड फोर्सेस पर्सनल प्रोविडेंट फंड 

क्या होता है GPF 

GPF (गवर्नमेंट प्रोविडेंट फंड) सरकारी कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड से सीधे जुड़ा होता है। यह बिलकुल पीएफ की तरफ ही काम करता है। इम्प्लाॅयज प्रोविडेंट फंड ऐसी कंपनियों पर लागू होता है जहां 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। ईपीएफ में 2.5 लाख रुपये तक इनवेस्टमेंट टैक्स के दायरे से बाहर रहता है जबकि जीपीएफ में यह छूट 1.5 लाख रुपये तक ही रहती है। 

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