कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीन की भारी किल्लत के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्हें ऑक्सीजन मास्क पहने और लंबी-लंबी सांस लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में एक भावनात्मक अपील करते हुए उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार से ऑक्सीजन प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह एक-दूसरे की टांग खींचने का समय नहीं है, बल्कि एक साथ काम करने का समय है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि सौरभ भारद्वाज को तीन-चार दिन पहले दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो में AAP नेता को ऑक्सीजन मास्क पहने और सांस लिए हांफते देखा जा सकता है। भारद्वाज ने कहा कि जिस अस्पताल में वह भर्ती हैं, उसमें केवल तीन घंटे के लिए ऑक्सीजन बची है।
“जिस अस्पताल में मुझे भर्ती कराया गया है, उसके पास केवल तीन घंटे की ऑक्सीजन बीच है। जब मैंने इस मास्क को हटाया, तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे कि गैर तैराक को एक पूल में धकेल दिया गया था और वह सांस के लिए हांफ रहा था।”
केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार बड़ा दिल दिखाएं। ऑक्सीजन के बिना लोग मर रहे हैं,। राज धर्म निभाएं। pic.twitter.com/SPXogI3JXT
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 22, 2021
भारद्वाज ने वीडियो में कहा कि मैं केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से अपील करूंगा कि ऑक्सीजन को न रोकें। बहुत सारे लोग ऑक्सीजन पर निर्भर हैं और ऑक्सीजन के बिना, ये लोग वैसे ही मर जाएंगे जैसे मछलियां पानी के अभाव में मर जाती हैं। यह समय सभी के लिए एक साथ काम करने का है, एक-दूसरे की टांग खींचने का नहीं है।
कई अस्पतालों में पूरी तरह खत्म हुई ऑक्सीजन : दिल्ली सरकार
बता दें कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को बताया कि राजधानी के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन पूरी तरह खत्म हो गई है। सरोज, राठी, शांति मुकुंद, तीरथ राम अस्पताल, यूके अस्पताल, जीवन अस्पताल का कहना है कि हमारे यहां ऑक्सीजन खत्म हो गई है। हम जैसे-तैसे उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर देने की कोशिश कर रहे हैं। अभी दिल्ली के कई अस्पताल गंभीर ऑक्सीजन संकट का सामना कर रहे हैं। कुछ में ऑक्सीजन पूरी तरह से खत्म हो गई है, मुझे सुबह से ही अस्पतालों से मैसेज और ईमेल मिल रहे हैं। हम किसी तरह उन्हें दूसरे अस्पतालों से रीक्रिएट करके सिलेंडर मुहैया करा रहे हैं, जिनका स्टॉक थोड़ा ज्यादा है।







