केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा कि DCGI ने भारत में सिंगल-डोज स्पुतनिक लाइट कोविड-19 वैक्सीन के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह देश में 9वां कोविड वैक्सीन है। यह महामारी के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई को और मजबूत करेगा।

इससे पहले भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक विशेषज्ञ पैनल ने कोविड-19 रोधी टीके ‘स्पुतनिक लाइट’ के सीमित आपातकालीन उपयोग की सिफारिश की थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा  था कि विभिन्न नियामक प्रावधानों की शर्तों के तहत ये सुझाव दिया गया है। स्पुतनिक लाइट, स्पुतनिक-वी के ‘कम्पोनेंट-1’ की तरह ही है।

हैदराबाद की इस दवा कंपनी ने ‘स्पुतनिक वी’ का क्लीनिकल परीक्षण करने और भारत में इसके वितरण के लिए रसियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ सितंबर 2020 में करार किया था।

पिछले साल इस कंपनी को अप्रैल में डीसीजीआई से आपात स्थिति में सीमित उपयोग के वास्ते स्पुतनिक टीके के आयात की अनुमति मिली थी।

डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज के अनुसार स्पुतनिक लाइट को अर्जेंटीना और रूस समेत 29 देशों में मान्यता प्राप्त है। सिफारिश को अंतिम मंजूरी के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के पास भेजा गया है।

इस वैक्सीन का क्या होगा फायदा?

रूस ने स्पूतनिक वी वैक्सीन के जिस लाइट वर्जन को मंजूरी दी है, वो वैक्सीन सिंगल डोज में ही कोरोना वायरस का काम तमाम कर देगा। अभी तक इसके लिए वैक्सीन का दो डोज लगाना जरूरी होता है। कोरोना वायरस के खिलाफ स्पूतनिक लाइट वर्जन 79.4 फ़ीसदी तक प्रभावी पाई गई है। इसकी कीमत $10 मतलब करीब ₹730 से भी कम है।





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