बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है। चुनाव आयोग ने शनिवार को यह साफ कर दिया कि 29 नवंबर से पहले राज्य में विधानसभा के चुनाव करा लिए जाएंगे। इसको लेकर वहां लड़ने वाली पार्टियां सियासी समीकरण बनाने के साथ गठजोड़ के गुणा-भाग में जुट गई है।
इस बीच, केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री और बिहार के आरा से सांसद आर.के. सिंह ने कहा कि इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी बिहार में अपने दम पर सरकार बना सकती है। सिंह ने आगे कहा, लेकिन जनता दल यूनाइटेड के साथ उनकी साल 1996 से ही साझेदारी है और वे लोग नहीं चाहते हैं कि यह टूटे और ना ही जेडीयू ऐसा चाहती है। उन्होंने कहा कि हम दोस्तों को नहीं छोड़ना चाहते हैं।
सीट बंटवारे के बारे में बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने कहा, “हमारा सीटों का बंटवारा जल्द कर लिया जाएगा। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है इसलिए यह पूरी प्रक्रिया आराम से पूरी कर ली जाएगी।… लोकसभा के नतीजे साफतौर पर बीजेपी और पीएम मोदी के वोट बैंक को जाहिर करते हैं। इसलिए, सीटों का बंटवारा भी उसी आधार पर होना चाहिए।”
Our seat share will be decided soon. The process will be finished smoothly as there are no differences among us… Lok Sabha Poll results have clearly displayed the vote base of BJP and PM Modi. Hence, the seat division should be based on that only: RK Singh #BiharAssemblyPolls https://t.co/8sflUcScNK
— ANI (@ANI) September 4, 2020
इधर, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान सही समय पर किया जाएगा। आयोग बिहार चुनाव के समय ही 65 सीटों पर उपचुनाव भी कराने की तैयारी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव को 29 नवंबर, 2020 से पहले पूरा करना है। उसी समय के आसपास विभिन्न राज्यों की 64 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। बता दें कि वर्तमान बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। आयोग ने भी कोरोना काल में चुनाव और उपचुनाव कराने को लेकर हाल ही गाइडलाइंस जारी की थी। तभी यह तय हो गया था कि कोरोना और बाढ़ ग्रस्त बिहार में तय समय पर चुनाव होंगे। हालांकि विपक्षी दलों समेत एनडीए में शामिल एलजेपी ने बिहार में चुनाव टालने की मांग की थी।







