बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इधर उद्घाटनों पर जोर दे रखा है। लेकिन गड़बड़ ये हो जा रही है कि मुख्यमंत्री के उद्धाटन के बाद कुछ ऐसी सड़कें टूट गईं जिससे विपक्ष को मौका मिल गया। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि कहीं बनते ही टूट रही सड़कें चुनावी गणित न बिगाड़ दें।

Edited By Hrishikesh Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

जानिए… सुशासन बाबू क्यों बन गए हैं उद्घाटन बाबू
हाइलाइट्स

  • सुशासन बाबू बने उद्घाटन बाबू
  • अधूरी सड़कों का कर रहे उद्घाटन!
  • एक सड़क तो उद्घाटन के ठीक पहले टूटी
  • सत्तर घाट अप्रोच रोड तो उद्घाटन के एक महीने में ही ध्वस्त
  • चुनावी मौसम है नीतीश की हड़बड़ी की वजह?

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे बड़ी यूएसपी है… सुशासन। कुछ लोग नीतीश कुमार को सुशासन बाबू भी कहते हैं। नीतीश अपनी हर सभाओं में दावा करते हैं कि बिहार में गद्दी संभालने के बाद उनका सबसे ज्यादा फोकस सुशासन पर रहा। बात एक हद तक सही भी है। विकास के काम को लेकर भी नीतीश ने एक समय में खूब वाहवाही बटोरी, लेकिन लगता है कि 2020 में हवाएं उल्टी चल रही हैं। चुनावी साल में सुशासन बाबू सीधे उद्घाटन बाबू बन गए हैं। लेकिन जितनी तेजी से नीतीश सड़कों का उद्घाटन कर रहे हैं उतनी ही तेजी से ये टूट भी जा रही हैं। और तो और… हड़बड़ी में तो बुधवार को एक ऐसी सड़क का उद्घाटन कर दिया गया जो अभी तक तय दूरी तक बनी ही नहीं है।

सुशासन बाबू से उद्घाटन बाबू क्योंबने नीतीश कुमार… जानिए

सवाल ये उठता है कि नीतीश कुमार सुशासन बाबू से उद्घाटन बाबू क्यों बन गए। जवाब बड़ा आसान है… 2020 बिहार विधानसभा चुनाव। नीतीश कुमार को बखूबी पता है कि चुनाव जीतना है तो विकास करने के अलावा विकास दिखाना भी पड़ेगा। लेकिन उद्घाटन बाबू ये भूल गए कि जिस विकास को दिखाने के लिए वो तड़ातड़ उद्घाटन किए जा रहे हैं उसे उनके सुशासन के अफसरों ने ही पलीता लगा रखा है। अगर ऐसा नहीं होता तो लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई जाने वाली सड़कें मिट्टी में नहीं मिल जातीं। वहीं चुनावी मौसम में नीतीश कुमार अधूरे प्रोजेक्ट पर भी दांव खेल जा रहे हैं। समझिए कैसे…

नंबर 1- अधूरी सड़क का भी उद्घाटन

ये उदाहरण आपको बताएगा कि कैसे सुशासन बाबू चुनावी मौसम में उद्घाटन बाबू बन गए हैं। प्रोजेक्ट बिहटा-सरमेरा रोड का है। बिहटा से सरमेरा की सड़क का प्रोजेक्ट 92 किलोमीटर का है। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सड़क के पूरा होने से पहले ही 66 किलोमीटर हिस्से का यानि डुमरी से सरमेरा तक की सड़क का उद्घाटन कर दिया। क्या उद्घाटन बाबू को ये लग रहा था कि चुनाव से पहले उनके अफसर 26 किलोमीटर की सड़क बना ही नहीं पाएंगे। अगर ऐसा नहीं है तो डुमरी-सरमेरा सड़क का उद्घाटन करने की ऐसी जल्दी क्या थी।

नंबर 2- बंगरा घाट महासेतु की अप्रोच रोड उद्घाटन के पहले ही टूटी

जिस सड़क का बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उद्घाटन कर रहे थे वो कार्यक्रम से ठीक पहले ही टूट गई। छपरा में बंगरा घाट महासेतु की अप्रोच रोड ध्वस्त होने की खबर ने सभी को चौंका दिया। इस पुल की लागत 509 करोड़ रुपए है, जिसका सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उद्घाटन किया था। जानकारी मिली कि बैकुंठपुर में सारण बांध टूटने की वजह से बंगरा घाट महासेतु की अप्रोच रोड कट गई। महासेतु की अप्रोच सड़क करीब 50 मीटर के दायरे में ध्वस्त हो हुई।

देखिए ये वीडियो…

Video :- सीएम नीतीश कुमार के उद्घाटन से पहले ही टूटा बंगरा पुल का अप्रोच रोडVideo :- सीएम नीतीश कुमार के उद्घाटन से पहले ही टूटा बंगरा पुल का अप्रोच रोड



नंबर 3- सत्तरघाट महासेतु का अप्रोच रोड

गोपालगंज में भी यही हुआ था। बिहार के गोपालगंज में 264 करोड़ की लागत से बने पुल का एप्रोच रोड (Road Collapse in Bihar) महज 29 दिन में ही ध्वस्त हो गया। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और पानी के दबाव की वजह से सत्तरघाट महासेतु का एप्रोच रोड ढह गया। इससे पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। 16 जून को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Government) ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस महासेतु का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के 29 दिन बाद ही सड़क गंडक की गोद में समा गई।

देखिए ये वीडियो…

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नीतीश की चुनावी हड़बड़ी ने विपक्ष को दे दिया मौका

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी हड़बड़ी ने विपक्ष को बैठे-बिठाए मौका दे दिया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘लगातार पुल टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है। पुल टूटने की घटनाएं साफ बता रही हैं कि राज्य सरकार में भ्रष्टाचार किस स्तर पर हो रहा है। लेकिन ना ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहे हैं और ना ही पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव व्यवस्थाओं को सुधार रहे हैं। लगातार पुल टूटने की घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मुझे लगता है कि नीतीश कुमार का वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होना चाहिए क्योंकि बिहार में लगातार पुल टूटने का मुख्यमंत्री रिकॉर्ड बना रहे हैं।’

Web Title sushann babu became udghatan babu will broken roads make the way tough in this election for nitish kumar(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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