भाजपा नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि एनडीए सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम किया। कृषि बजट को दोगुना किया और किसानों के खाते में सालाना 6 हजार देने की शुरुआत की। तीन कृषि विधेयक पास कर पैदावार को बेहतर दाम पर कहीं भी बेचने की आजादी देने के साथ मंडी व्यवस्था को भी बनाये रखा। बिहार के किसान एनडीए के साथ हैं। यहां उन्हें भड़काने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।
सोमवार को ट्वीट कर भाजपा नेता ने कहा कि किसानों को नये अवसर और अधिकार मिलने से जिन बिचौलियों की मनमानी बंद हो गई, वे कांग्रेस शासित पंजाब के किसानों को गुमराह कर केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं। किसान क्या केवल पंजाब में हैं।
जिन वामपंथी दलों ने गांवों को लालटेन युग में रखने वाली लालू-राबड़ी सरकार का समर्थन किया और किसानों की फसलें लुटवायीं, वे कृषि बिल का विरोध कर किसानों के हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) November 30, 2020
एक अन्य ट्वीट में सुशील मोदी कहा कि बिहार के हर गांव में बिजली पहुंचाने में सरकार सफल रही, इसलिए महंगे डीजल पम्प से सिंचाई की मजबूरी खत्म हो गई। अब कृषि के लिए अलग फीडर लगाया जा रहा है। जिन वामपंथी दलों ने गांवों को लालटेन युग में रखने वाली लालू-राबड़ी सरकार का समर्थन किया और किसानों की फसलें लुटवायीं, वे कृषि कानून का विरोध कर किसानों के हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं।
किसानों को नये अवसर और अधिकार मिलने से जिन बिचौलियों की मनमानी बंद हो गई, वे कांग्रेस शासित पंजाब के किसानों को गुमराह कर केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं। किसान क्या केवल पंजाब में हैं?
बिहार के किसान एनडीए के साथ हैं। यहां उन्हें भड़काने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) November 30, 2020
किसान आंदोलन के समर्थन में एकजुट हुईं लेफ्ट पार्टियां
केन्द्र सरकार द्वारा किसानों पर दमन का आरोप लगाते हुए तीन वाम दल एकजुट हो गये हैं। दो दिसम्बर को केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में ये तीनों दल शामिल होंगे। सीपीएम कार्यालय में माकपा, भाकपा और माले दलों ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर यह घोषणा की। वामपंथी दलों ने अपील की है कि दो दिसम्बर को बड़ी संख्या में संघर्षरत किसानों के समर्थन में बाहर निकल कर उनके उपर हो रहे दमन के खिलाफ प्रतिरोध एवं संघर्ष के साथ एकजुटता प्रदर्शित करें।







