पटना: आरजेडी के कद्दावर नेता जगदानंद सिंह के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की खबर ने सूबे के सियासी पारा चढ़ा दिया है. अब तक पार्टी की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई, लेकिन इस्तीफे की चर्चाओं ने ही सत्ताधारी दल के नेताओं को आरजेडी को घेरने का नया मुद्दा दे दिया है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सुशील मोदी ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
जगदानंद ही चला रहे थे सरकार
सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा, ” जगदानंद जैसे ईमानदार, योग्य और अनुशासन-प्रिय व्यक्ति को आरजेडी के बड़े राजकुमार (तेज प्रताप यादव) जिस तरह से बार-बार अपमानित कर रहे हैं, उससे जाहिर है कि पार्टी में अब किसी भले आदमी के लिए कोई जगह नहीं. मुख्य विपक्षी दल अब शहाबुद्दीन, राजबल्लभ यादव जैसे आपराधिक चरित्र के बाहुबलियों की नेचुरल सैंक्चुअरी (प्राकृतिक अभयारण्य) बन चुका है. राजकुमार भूल गए कि जब लालू प्रसाद जेल गए थे और राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं, तब दरअसल सरकार जगदानंद ही चला रहे थे.”
मुख्य विपक्षी दल अब शहाबुद्दीन, राजबल्लभ यादव जैसे आपराधिक चरित्र के बाहुबलियों की नेचुरल सैंक्चुअरी ( प्राकृतिक अभयारण्य) बन चुका है।
राजकुमार भूल गए कि जब लालू प्रसाद जेल गए थे और राबड़ी देवी मुख्यमन्त्री थीं, तब दरअसल सरकार जगदानंद ही चला रहे थे।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) July 9, 2021
राज्यसभा सांसद ने कहा, ” सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसद आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को सही ठहराने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह को जिस तरह “एक लोटा” पानी वाला बयान देकर अपमानित किया गया था, उसी तरह अब उसी समाज के जगदानंद को निशाना बनाया जा रहा है. रघुवंश बाबू को अपमानित करने का परिणाम यह हुआ कि 2019 के संसदीय चुनाव में आरजेडी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई. जो लोग खुद को समंदर और अपने बुजुर्ग नेता को एक लोटा पानी समझते थे, उनकी पार्टी के लोटे में एक बूँद पानी नहीं ठहरा.”
रघुवंश बाबू को अपमानित करने का परिणाम यह हुआ कि 2019 के संसदीय चुनाव में राजद को एक भी सीट हासिल नहीं हुई।
जो लोग खुद को समंदर और अपने बुजुर्ग नेता को एक लोटा पानी समझते थे, उनकी पार्टी के लोटे में एक बूँद पानी नहीं ठहरा।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) July 9, 2021
मालूम हो कि ऐसी खबर है कि आरजेडी के वरिष्ठ नेता और लालू यादव के बेहद करीबी जगदानंद सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उन्होंने पार्टी पद से इस्तीफे की पेशकश की है. हालांकि, अब तक प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को मंजूर नहीं किया गया है. सूत्रों की मानें तो लालू यादव ने अभी उन्हें पद पर बने रहने को कहा है.
तेज प्रताप ने कही थी ये बात
गौरतलब है कि लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव लंबे समय से जगदानंद सिंह को टारगेट कर रहे थे. पार्टी के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने भरे मंच पर इशारों में प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा था. इस बात से जगदानंद काफी नाराज चल रहे थे. भले ही इस्तीफे के लिए उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि तेज प्रताप के रवैये से नाराज होकर उन्होंने ऐसा किया है.
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