Gold Price Today 30th July 2020: अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में सोने की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय सर्राफा बाजार में भी देखने को मिल रहा है। अब सोने का हर दिन नया शिखर छूना आम हो गया है। देशभर के सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना औसतन 341 रुपये उछलकर 53354 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। बुधवार को यह 53013 पर बंद हुआ था। वहीं दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 54000 के पार चला गया है। जबकि, आज चांदी 1040 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 63260 के रेट से खुली। बुधवार को चांदी 64300 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 30 जुलाई 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे…
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| धातु | 30 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) | 29 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) |
| Gold 999 (24 कैरेट) | 53354 | 53013 |
| Gold 995 (23 कैरेट) | 53140 | 52801 |
| Gold 916 (22 कैरेट) | 48872 | 48560 |
| Gold 750 (18 कैरेट) | 40016 | 39760 |
| Gold 585 ( 14 कैरेट) | 31212 | 31013 |
| Silver 999 | 63260 Rs/Kg | 64300 Rs/Kg |
अप्रैल-जून में सोने की वैश्विक मांग 11 प्रतिशत घटकर 1,015.7 टन, पर ईटीएफ में निवेश बढ़ा
वैश्विक स्तर पर सोने की मांग अप्रैल-जून की तिमाही में 11 प्रतिशत घटकर 1,015.7 टन रह गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, इस अवधि में निवेश श्रेणी में पीली धातु की मांग में उल्लेखनीय इजाफा हुआ। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून की अवधि में सोने की कुल मांग घटकर 1,015.7 टन रह गई, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 1,136.9 टन रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से कई देशों में लगाई गई पाबंदियों के चलते सोने की मांग में गिरावट आई है।डब्ल्यूजीसी की ‘सोने की मांग के रुख पर दूसरी तिमाही की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से सोने की उपभोक्ता मांग घटी है। हालांकि, निवेश के रूप में इसकी मांग बढ़ी है। इस अवधि में निवेश के लिए सोने की मांग 98 प्रतिशत बढ़कर 582.9 टन रही, जो 2019 की समान तिमाही में 295 टन रही थी।
सोने की छड़ ओर सिक्कों की मांग में भी गिरावट
निवेश श्रेणी की बात की जाए, तो सोने की छड़ ओर सिक्कों की मांग 32 प्रतिशत घटकर 148.8 टन रह गई, जो 2019 की दूसरी तिमाही में 218.9 टन रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान सोने और इसी तरह के अन्य उत्पादों में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की मांग 300 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 434.1 टन पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 76.1 टन थी। तिमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर आभूषणों की मांग 53 प्रतिशत घटकर 251.5 टन रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 529.6 टन थी। प्रौद्योगिकी में सोने की मांग 18 प्रतिशत घटकर 80.7 टन से 66.6 टन रह गई। इसी तरह केंद्रीय बैंकों की सोने की शुद्ध खरीद 50 प्रतिशत घटकर 114.7 टन रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 231.7 टन थी।
ऊंची कीमतों की वजह से घटी मांग!
डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक, भारत सोमसुंदरम पीआर ने पीटीआई-भाषा से फोन पर कहा, ”दूसरी तिमाही में सोने की मांग में गिरावट की प्रमुख वजह कोविड-19 के चलते प्रमुख उपभोक्ता बाजारों भारत और चीन में लॉकडाउन रहा। हालांकि, ऊंची कीमतों की वजह से सोने की मांग कितनी प्रभावित हुई है यह स्थितियों के सामान्य होने के बाद ही पता चलेगा। तभी यह सामने आएगा कि सोने में तेजी को लेकर उपभोक्ताओं की क्या प्रतिक्रिया है।
फिर भी क्यों बढ़ रहे दाम
केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि गोल्डमैन ने अपने 12 महीने के पूर्वानुमान में सोने के लिए दो हजार डॉलर प्रति औंस से बढ़ाकर 2300 डॉलर प्रति औंस कर दिया। वर्तमान में इसकी कीमत लगभग दो हजार डॉलर प्रति औंस है। वहीं कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। इससे शेयर बाजारों में जहां अनिश्चितता का माहौल है वहीं रियल एस्टेट भी पस्त पड़ा है। इस दौर निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित सोना ही नजर आ रहा है। निवेशकों का रुझान गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और बॉन्ड की तरफ बढ़ा है। यही वजह है कि सोने के रेट बढ़ते जा रहे हैं। वहीं कोरोनावायरस संक्रमण के कारण खनन कार्य प्रभावित होने और आपूर्ति बाधित होने से चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी देखी जा रही है।
इनपुट: एजेंसी







