भारतीयों का गोल्ड से लगाव जगजाहिर है। साल 2021 में सालाना आधार पर भारत में गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड करीब दोगुनी हो गई है। साल की चौथी तिमाही में गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है। यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की तरफ से रिलीज किए गए 2021 गोल्ड डिमांड ट्रेंड में कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबली गोल्ड ज्वैलरी की खपत 52 फीसदी बढ़ी है। दुनियाभर में भारत और चीन गोल्ड के टॉप कंज्यूमर्स रहे हैं। भारत की सोने की खपत का करीब 60-70 फीसदी हिस्सा ज्वैलरी के रूप में है। 

पिछले साल 611 टन रही गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड
साल 2021 में भारत में गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड 93 फीसदी बढ़कर 611 टन रही है। साल 2021 की चौथी तिमाही में गोल्ड ज्वैलरी की रिकॉर्ड डिमांड रही है। चौथी तिमाही में सोने की ज्वैलरी की डिमांड 265 टन रही। जून से लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दिए जाने और वैक्सीनेशन प्रोग्राम के सफल रोलआउट से डिमांड को मजबूती मिली है। डब्ल्यूजीसी ने कहा, ‘इससे अर्बन इंडिया में कंज्यूमर सेंटीमेंट को मजबूती मिली है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य मॉनसूनी बारिश से रूरल इंडिया को सपोर्ट मिला है।

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भारत में मजबूत डिमांड से ग्लोबल गोल्ड ज्वैलरी डिमांड को सपोर्ट
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2021 तिमाही में भारत में मजबूत डिमांड से ग्लोबल गोल्ड ज्वैलरी डिमांड को सपोर्ट मिला है। दिसंबर 2021 तिमाही में ग्लोबल गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड 713 टन रही है, जो कि 2013 की दूसरी तिमाही के बारे से सबसे ज्यादा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि 2022 में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और इनकम लेवल में सुधार से भारत में ज्वैलरी डिमांड को मजबूती मिलेगी। 

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