बिहार विधानसभा में शनिवार को शराबबंदी को लेकर तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश कुमार के मंत्री रामसरयू राय को घेरा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रश्नकाल शुरू होते ही सदन में रामसूरत राय का मुद्दा उठाया और सरकार से इसपर जवाब मांगा। उन्होंने मंत्री की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि जिस स्कूल से शराब बरामद हुई है उससे मंत्री सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। स्कूल उन्हीं का है और शराब मामले में मंत्री और उनके भाई सीधे जुड़े हैं। इसपर आशन कोसंज्ञान लेना चाहिए और सदन में सरकार को जबाव देना चाहिए।  

वहीं इस मामले पर मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि मेरा अपने भाई से कोई संबंध नहीं है। 2012 में हमारा रजिस्टर्ड बंटवारा हो चुका है। अगर वह इस घटना में दोषी है तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसकी जांच किसी भी एजेंसी से कराएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है। एनडीए सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए जानी जाती है न कि उसे बचाने के लिए। इसके अलावा उन्होंने सराजद को चैलेंज किया। भू-राजस्व मंत्री राय ने कहा कि यदि तेजस्वी यादव दो दिन में माफी नहीं मांगते हैं तो उनपर मानहानि का केस करेंगे।

मुजफ्फरपुर के स्कूल से से मिली थी शराब
तीन दिन पहले मुजफ्फरपुर के एक स्कूल से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई थी। तेजस्वी का आरोप है कि जिस स्कूल से शराब मिली है वो भू-राजस्व मंत्री रामसूरत राय का है। जबकि मंत्री का कहना है कि ये जमीन उनके भाई की है और इसे लीज पर लेकर कोई तीसरा व्यक्ति चलाता है। उन्होंने कहा है कि उनका न तो अपने भाई से और न ही उस स्कूल से कोई लेना-देना है। बीजेपी के नेता अपने मंत्री के बचाव पूरी तरह उतर गए हैं।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
तेजस्वी ने रामसूरत के बहाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और उन्हें शराब तस्करी में फंसे अपने मंत्री को बचाने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, ‘मुख्यमंत्री जी खुलेआम शराब तस्करी कांड में फंसे अपने मंत्री को बचा शराबबंदी की नौटंकी रच पूरे राज्य को गुमराह कर रहे हैं। हमने सबूत सहित मंत्री के कारनामों का खुलासा किया है? क्या खुलासे के बाद भी कुर्सी की खातिर नैतिकता त्याग लोकलाज बेच मुख्यमंत्री जी अब भी मंत्री जी को बचाएंगे?’

 

 

 





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