उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों ने उपभोक्ता के हितों और जेब पर डाका डाल रखा है. सूबे में मीटर जंपिंग का खुला खेल फरुर्खाबादी चल रही है, लेकिन अधिकारी मौन हैं, हूकूमत मौन है और जनता को न्याय के लिए चीखते रह जाने की आदत पड़ गई है. लुटेरी कंपनियों और अपराधियों का नेक्सस प्रदेश में इतना मजूबत हो गया है कि तोड़े नहीं टूट रहा और आम आदमी की गलत और कई गुना आने वाला बिल भरते भरते कमर टूट गई है. आज यही उत्तर मांग रहा है प्रदेश कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों पर कब कसेगी नकेल? किन अफसरों के मेल से हो रहा जनता को लूटने का खेल?







