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किसी भी प्रदेश में उनकी जीत होती दिख नहीं रही

मुद्दई लाख बुरा चाहे क्या होता वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है। इस
साल के अंत तक तीन प्रदेशों में चुनाव होने वाले हैं। भाजपा चाह रही है
किसी तरह दो जगह तो उनकी लाज बच जाये। लेकिन हालात इतने पतले हैं कि किसी
भी प्रदेश में उनकी जीत होती दिख नहीं रही है। फिलहाल चुनाव आयोग ने मोदी
शाह और भाजपा के इशारे पर जम्मू कश्मीर और हरियाणा में चुनाव की घोषणा कर
दी है। हरियाणा में पिछले दस सालों से भाजपा की सरकार चल रही है। वर्तमान
में भाजपा की हालत प्रदेश में काफी खस्ता है। चार माह पहले मोदी शाह ने
मनोहर लाल खट्टर को हटा कर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। लेकिन इतने कम
समय में सैनी कुछ खास करने की स्थिति में नहीं हैं। केन्द्र ने सोचा कि
पिछले साढ़े नौ साल की सरकार की विफलता और नकारेपन को कुछ कम किया जा
सकता है। इसलिये ओबीसी कोटे के सांसद नायब सिंह सैनी प्रदेश का नया सीएम बना दिया। लेकिन सैनी प्रदेश में भाजपा की साख को बढ़ाने में कितने सफल हुए वो दो माह बाद चुनाव के रिजल्ट बतायेंगे। हरियाणा का चुनाव जीतने के लिये भाजपा ने फिर वही मोदी मीडिया पर विश्वास जताया है। मीडिया उनके अनुरूप माहौल बनाने में जुट गया है। चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद से मीडिया और टीवी स्क्रीन पर पहला सर्वे चलाया जाने लगा है। इस सर्वे में भाजपा को 41 सीटें मिलती दिखाया जा रहा है। यानि भाजपा के पक्ष में माहौल तैयारी करने में देश का प्रमुख मीडिया सत्ता की मलाई चाटने को
तैयार है।
भाजपा के लिये ये मुद्दे बने सिरदर्द
पिछले दस सालों में हरियाणा में सरकार के निकम्मेपन से हर वर्ग त्रस्त
है। बेराजगारी, महंगायी, महिला असुरक्षा और बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य
सेवा पर भाजपा सरकार बिल्कुल लापरवाह है। इसके अलावा किसान आंदोलन के
दौरान सरकार का बर्बरतापूर्ण रवैया और पुलिस की अमानवीय प्रणाली से जनता
व किसान काफी गुस्से में है। इसके अलावा मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना को
लांच किया। इस योजना को युवाओं ने नकार दिया। जैसा कि सब जानते हैं कि
पंजाब और हयिाणा के लोग फौज में भर्ती होने का सपना संजोय रहते हैं ऐसे
में चार साल की अग्निवीर नौकरी उनके लिये मजाक बन गयी। इस योजना के तहत
सरकार जवान को शहीद का दर्जा भी नही देने को तैयार है ऐसे सैनिक को पेंशन
व कैंटीन का लाभ भी नहीं मिलने वाला है। 18 साल की उम्र में भर्ती होने
वाला जवान चार साल में फौज से रिटायर कर दिया जायेगा। हरियाणा और पंजाब
में अधिकतर घरों में रिटायर और शहीद लोग होते हैं। फौज में रहते हुए देश
पर कुर्बान होने का जज्बा यहां काफी मायने रखता है। मोदी सरकार की इस
योजना से जनता में काफी रोष है।

HM Amit Shah met with Olympic medalist who are protesting Ex WFI president BJP MP Brajbhooshan Sharan for harassment of female wrestlers, Shah tried to sort issue but they could not convinced to protesters.
HM Amit Shah met with Olympic medalist who are protesting Ex WFI president BJP MP Brajbhooshan Sharan for harassment of female wrestlers, Shah tried to sort issue but they could not convinced to protesters.

ओलंपिक पदक विजेता खिलाडियों के साथ बर्बरता पूर्ण सरकार का रवैया
केन्द्र सरकार ने देश का मान सम्मान बढ़ाने वाली महिला खिलाडियों के साथ
दोगला व्यवहार किया। इतना ही नहीं दो माह से अधिक समय तक साक्षी मलिक,
विनेश फौगाट और बजरंग पूनिया समेत अनेक खिलाड़ियों ने दिल्ली के जंतर
मंतर पर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि भारतीय कुश्ती संघ के रेप के
दोषी अध्यक्ष को हटाया जाये। जो कि भाजपा का बाहुबली सांसद है। लेकिन
सरकार और पार्टी ने उनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया। यहां तक कि दिल्ली
पुलिस ने आरोपी सांसद के खिलाफ केस तक नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के दखल
के बाद उनकी शिकायत दर्ज हो सकी। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने बड़ी
बर्बरता से इन धरना प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर लाठीचार्ज किया। पूरी
दुनिया में इस घटना की निंदा हुई। लेकिन पीएम मोदी और पार्टी ने राजनीतिक
फायदे को देखते हुए अपनेसांसद पर कोई ऐक्शन नहीं लिया। भाजपा और सरकार की
ढिठायी पर तीखी आलोचना की गयी। लेकिन सरकार और पीएम मोदी देश दुनिया की
सैर करते रहे लेकिन दिल्ली में प्रदर्शन करने वाली विजेता खिलाड़ियों का
हाल जानने नहीं गये। इन सब बातों को जनता में भारी प्रभाव पड़ा कि लंबी
लंबी फेंकने वाले पीएम को इन खिलाड़ियों पर जरा भी तरस नहीं आया। भाजपा
के नेताओं ने इन खिलाड़ियों के बारे में भद्दी भद्दी टिप्पणियां कीं।
उन्हें देश द्रोही तक कहा गया। भाजपा को यह लग रहा था कि पीएम मोदी की
छवि के जरिये वो सब कुछ कंट्रोल कर लेंगे। लेकिन 2024 के आम चुनाव के
परिणाम ने मोदी शाह और पार्टी को चेता दिया कि अब देश में उनकी लुभावनी
बातों का असर नही होने वाला है।

Godi media is busy in blind support to ruling party and targegeting opposition
Godi media is busy in blind support to ruling party and targegeting opposition

मीडिया में सर्वों का दौर शुरू होने वाला है
लोकसभा की तर्ज पर एक बार फिर मीडिया में कुछ सर्वे चलाने की तैयारी हो
गयी है। मोदी मीडिया व कुछ सर्वे कराने वाली एजेंसियों को फेक सवैं को
तैयार करने को कह दिया गया है। पिछले आम चुनाव परिणाम के आसपास सरकार ने मोदी मीडिया में आधा दर्जन सर्वे लगभग सभी टीवी चैनल्स पर प्रमुख से चलवाये थे। भाजपा को अपनी हालत पहले से ही पता थी इसी लिये 4 जून के ठीक पहले ऐसे सर्वे ठीवी चैनलों और अखबारों में चलवाये गये जिससे यह भ्रम हो कि तीसरी बार मोदी सरकार बनने वाली है। इससे शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आये। चार जून के बाद बाजार में जबरदस्त तेजी भी देखी गयी। लेकिन अगले दिन ही शेयर बाजार गोता खा गया। क्यों कि जो परिणाम आये वो भाजपा के लिये अच्छे नहीं थे। चार का नारा लगाने वाली भाजपा को केवल 240 सीटों पर सफलता
मिली। खास तौर से यूपी में 33 सीटों पर जीत मिली। पिछले 2019 के आम चुनाव
में भाजपा को 62 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस बार सपा और कांग्रेस ने
मिल कर भाजपा के गढ़ में सेंध लगाते हुए किला ढहा दिया। सपा ने इतिहास
रचते हुए 37 सीटों पर जीत हासिल की। इतना ही कांग्रेस ने भी 6 उम्मीदवार
जिताने में सफलता प्राप्त की है। यहां तक कि राम मंदिर निर्माण के बाद भी
भाजपा अयोध्या में चुनाव हार गयी। इतना ही नहीं पीएम मोदी को बमुश्किल
चुनाव आयोग जी दिलवायी। तीन घंटों तक मोदी अपने विराधी उम्मीदवार से पीछे
दिखायी दिय।

Rahul Gandhi jibs on PM Modi as panouti for Cricket world Cup defeat
Rahul Gandhi is improving his image in public infront of PM Modi

भाजपा के साथ संघ भी परिणाम से हैरान हैं कि आखिर भाजपा का
अभेद्ध किला इंडिया गठबंधन ने कैसे जीत लिया। यूपी के अलावा महाराष्ट्र
हरियाणा, राजस्थान झारखंड और कर्नाटक में भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। जिसकी वजह से वो अपने बल पर सरकार बनाने का आंकडे नहीं पहुंच सकी।
फिलहाल नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम पद तो संभाल लिया है लेकिन अब
मोदी सरकार नहीं बल्कि एनडीए सरकार है। पिछले दस साल तक मोदी ने अपने हिसाब से देश को चलाया। लेकिन अब वो हालात नहीं रहे कि वो पूरे देश को अपने तरीके से हांक सकें। दो महिने में विपक्ष ने मोदी शाह और सरकार को इस कदर लाचार कर दिया है। सरकार एक भी बिल पास नहीं करा सकी है। नरेंद्र मोदी के चेहरे पर अब वो रुआब और बुलंद आवाज नदारद हो गयी है। वो संसद के
दोनों सदनों में दहाड़ कर कहते थे एक अकेला सब पर भारी। अब हालात बदल
गये। अब मोदी सरकार नहीं बल्कि बैसाखी सरकार है। सरकार की बैसाखी के रूप
में नितीश कुमार और एन चंद्रबाबू नायडू हैं।
भाजपा एक बार फिर सर्वों और मोदी मीडिया के सहारे
भाजपा समझ गयी है कि लोकसभा चुनाव में सर्वोंं और मीडिया के सहारे 240
सीट जीत सकी है। अगर सर्वों और गोदी मीडिया उनको समर्पित न होते तो भाजपा
150 तक जीतने में सफल नहीं होती। अब आगामी विधानसभा चुनावों में एक बार
फिर भाजपा लोकसभा वाले टोटके आजमाने की तैयारी में है। हरियाणा में इस
तरह का एक सर्वे को मीडिया चला रहा है इसमें भाजपा को 41 सीटें बतायी जा
रही हैं। वोट प्रतिशत भी चालीस प्रतिशत बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह
है कि तीन माह पहले ही भाजपा को पांच सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा
है। 2019 में भी भाजपा को 40 सीट मिली थीं। इस बार तो खट्टर सरकार की
नाकामी से जनता काफी नाराज है। यही वजह रही कि चुनाव से कुछ माह पहले ही
खट्टर को हटा कर सांसद नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। ओबीबी समाज को
लुभाने के लिये सैनी को प्रदेश की कमान सौपी गयी है। ये बात तो साफ है कि
दस साल की नाराजगी दो तीन माह में कैसे पाटी जा सकती है। वैसे भी लोकसभा
चुनाव में पांच सीट जीतने से कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। यहा पर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। जेजेपी और आम आदमी पार्टी का फिलहाल कोई स्कोप नहीं बताया जा रहा है। जेजेपी से मतलब निकलने के बाद
भाजपा ने उसे सरकार से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जेजेपी साढ़े चार साल
तक सरकार में शामिल रही। ऐन चुनाव के करीब जेजेपी से गठबंधन तोड़ दिया।
इतना ही नहीं भाजपा ने जेजेपी के 7 विधायकों को तोड़ लिया। जेजेपी के
पास अब केवल 3 ही विधायक रह गये है। चुनाव करीब आते वो भी किसी और दल में
शामिल नहीं होंगे इस बात की कोई गारंटी नहीं है।

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