पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक है। राज्य में चुनावी रैलियों के साथ-साथ प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल करने की शुरूआत भी कर दी है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता माहौल को देखते हुए जमकर बयानबाजी कर रहे हैं।

इसी बीच ममता बनर्जी के खुद को ब्राह्मण कहने वाले बयान के बाद कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने उनपर निशाना साधते हुए कहा, “ममता बनर्जी पहली बार यह साबित करने की कोशिश में लगी हुई हैं कि वह ब्राह्मण हैं। पहले वह कहती थी, ‘मैं हिजाब पहनती हूं, प्रार्थना करती हूं और मुसलमानों की रक्षा करती हूं।’ अब वह बदल गई। पश्चिम बंगाल में भाजपा के आने के बाद, वह यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि वह भाजपा से कम ‘हिंदुत्ववादी’ नहीं है।”

आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को ममता बनर्जी ने एक रैली में बीजेपी पर जमकर हमला बोलते हुए हिंदुत्व के जवाब में ब्राह्मण कार्ड खेला था। उन्होंने कहा कि मैं एक ब्राह्मण हूं और मुझे हिंदू होना मत सिखाइए। उन्होंने बुधवार को भी हिंदू कार्ड खेलते हुए शिव मंदिर में पूजा की और लोगों से मुलाकात की। इसके बाद वह हल्दिया गईं और फिर नंदीग्राम सीट पर अपना नामांकन दाखिल किया। 

इस बीच मंच से ही चंडीपाठ कर ममता ने अपने इरादे जाहिर कर दिए और नंदीग्राम के अपने 2008 के दिनों को याद किया, जब वामपंथी दलों के शासन के दौरान उन्होंने आंदोलन तेज किया था। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं अपना नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम नहीं भूल सकती। ममता के नामांकन से ही नंदीग्राम के संग्राम की शुरुआत हो जाएगी।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में विधानसभा चुनाव (west Bengal Polls 2021 dates) होंगे और वोटों की गिनती 2 मई को होगी। पहले चरण का मतदान  27 मार्च को, दूसरे चरण का एक अप्रैल को, तीसरे चरण का 6 अप्रैल को, चौथे चरण का 10 अप्रैल को,  पांचवें चरण का 17 अप्रैल को, छठे चरण का 22 अप्रैल को, सातवें चरण का 26 अप्रैल को और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। वहीं साल 2016 में पश्चिम बंगाल में सात चरणों में 4 अप्रैल से 5 मई के बीच विधानसभा चुनाव हुए थे।





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