ऑटो और बैंकिंग सेक्टर को की गई अहम घोषणाओं के कारण 11 साल बाद पहली बार बजट के दिन सेंसेक्स 2,300 के पार बंद हुआ है। ग्रोथ को बढ़ावा देने पर फोकस बजट का शेयर बाजार ने जबरदस्त स्वागत किया है। आज एक समय सेंसेक्स 48,764.40 के स्तर पर पहुंच गया था लेकिन आखिर में 2,314.84 अंक यानी 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 48,600.61 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 646.60 अंक यानी 4.74 प्रतिशत बढ़कर 14,281.20 अंक पर बंद हुआ।

11 साल में बजट के दिन 5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ सेंसेक्स
11 साल में पहली बार बजट के दिन शेयर बाजार में बंपर उछाल देखने को मिल रही है। पिछले 10 साल में प्रणव मुखर्जी से लेकर निर्मला सीतारमण तक, वित्त मंत्री चाहे जो रहा हो, बजट के दिन शेयर बाजार का रिएक्शन कभी ठंडा तो कभी बेहोशी वाला रहा है। बजट के दिन पिछले 10 साल में केवल तीन बार ही सेंसेक्स में बढ़त देखने को मिली है और सात बार बाजार को निराशा हाथ लगी है।

 

बैंकिंग और ऑटो शेयर चढ़े 
सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक सर्वाधिक 14 प्रतिशत से अधिक फायदे में रहा। आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, एलएंडटी और एचडीएफसी के शेयरों में तेजी रही। वहीं, डॉ रेड्डीज, टेक महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर गिरावट में रहे। बजट में स्क्रैप पॉलिसी की घोषणा से ऑटो शेयर में तेजी नजर आई।

बजट का शेयर बाजार ने किया स्वागत
कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक बाजारों की तेजी के दम पर भारतीय बाजार बढ़त में खुले। कारोबार के दौरान बाजार ने बजट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बजट में बुनियादी संरचना और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर अधिक खर्च का प्रावधान किये जाने का निवेशकों ने स्वागत किया। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि यह निश्चित तौर पर वृद्धि पर केंद्रित बजट है। पहले डर था कि इस बजट में कोविड-कर और आयकर पर अधिभार लगाया जा सकता है पर ऐसा न होने से बड़ी राहत मिली है। 

बजट घोषणाओं से बैंकिंग सेक्टर में आई तेजी 
दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण और भूखंड जैसी संपत्तियों के मौद्रिकरण के प्रस्ताव स्पष्ट रूप से सकारात्मक हैं। बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करना स्वागतयोग्य है। बजट पर बाजार की प्रतिक्रिया से वृद्धि को लेकर आशावाद दिखता है। संक्षेप में कहें तो वित्त मंत्री ने इस मुश्किल समय में प्रगतिशील, बिंदास और दूरदर्शी बजट पेश किया है। रिलायंस सिक्योरिटीज के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लव चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में प्रस्तावित एकल प्रतिभूति बाजार संहिता से भारतीय वित्त बाजार में कारोबार सुगम होगा।

सीतारमण के पिछले दो बजट में गिरा बाजार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समय में दोनों बार बाजार गिर चुका है। अंतरिम बजट के समय 5 जुलाई 2019 को सेंसेक्स 395 अंक टूटा था तो वहीं 1 फरवरी 2020 को आम बजट के दिन सेंसेक्स 900 अंक लुढ़क गया था। वहीं 2010 से लेकर 2012 तक प्रणव मुखर्जी के समय बजट के दिन सेंसेक्स दो बार गिर चुका है। वहीं पी. चिदंबरम ने 28 फरवरी 2013 को बजट पेश किया था और सेंसेक्स 291 अंक फिसल गया था। वहीं अरुण जेटली ने 2014 से 2018 तक कुल 5 बजट पेश किए और इस दौरान दो बार बाजार में तेजी दिखी थी।

 

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