केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है। कृषि कानूनों खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने आज दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर रैली निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया।
ट्रैक्टर रैली के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज की रैली काफी अच्छी रही। आज हमारे किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर ट्रेनिंग ली है ताकि 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर रैली की परेड निकाली जा सके। 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर और टैंक एक साथ चलेंगे। ट्रैक्टर 2 लाइन में चलेंगे और टैंक एक लाइन में चलेगा। परेड में हिस्सा लेने के लिए उस दिन भी लोग बड़ी संख्या में दिल्ली आएंगे।
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टिकैत ने कहा कि हम सरकार को आगाह करना चाहते हैं कि अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी तो किसानों का प्रदर्शन आगे और तेज होगा। ट्रैक्टर रैली के जरिए प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि 26 जनवरी को हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ट्रैक्टरों की प्रस्तावित परेड के पहले यह रिहर्सल की तरह है।
We will participate in the parade on 26th January. The tanks will be on one side and the tractors on the other. Today’s rally was good. People will come to Delhi in large numbers on that day too to take part in the parade: Rakesh Tikat, Spokesperson, Bhartiya Kisan Union pic.twitter.com/Ae4dnI14pO
— ANI (@ANI) January 7, 2021
किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच सोमवार को सातवें दौर की बैठक बेनतीजा रही थी क्योंकि किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की अपनी मांग पर डटे हुए हैं। अब 08 जनवरी को अगले दौर की वार्ता होगी।
गौरतलब है नए कृषि कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। इसके लिए दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 43वें दिन भी जारी है। केन्द्र सरकार इन कानूनों को जहां कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।
बता दें कि किसान हाल ही बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों – द प्रोड्यूसर्स ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020, द फार्मर्स ( एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (एमेंडमेंट) एक्ट, 2020 का विरोध कर रहे हैं।







