कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड पर अड़े हुए हैं। पहले राजपथ पर ट्रैक्टर ले जाने की चेतावनी देते रहे किसानों ने अब कहा है कि वे लाल किले से इंडिया गेट तक मार्च करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण होगा जब एक तरफ किसान होंगे और दूसरी तरफ जवान।
राकेश टिकैत ने कहा, ”ये पता चला है कि वे (सरकार) राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक यात्रा (परेड) निकालेंगे। उन्होंने अपनी यात्रा छोटी कर दी है। हम लाल किले से निकालेंगे इंडिया गेट तक, दोनों का मेल मिलाप वहीं होगा। किसान देश का सिर ऊंचा करेंगे। यह दुनिया की सबसे ऐतिहासिक परेड होगी। यहां एक तरफ से किसान चलेगा, एक तरफ से किसान चलेगा।”
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान संघ सरकार के साथ तय नौवें दौर की वार्ता में शामिल होंगे और गतिरोध को सुलझाने और आंदोलन को समाप्त करने के लिए वार्ता को जारी रखना जरूरी है।
#WATCH | “On Jan 26, we’ll take out a procession from Red Fort to India Gate. We will hoist the flag where we’ll meet at the Amar Jawan Jyoti. It will be a historic scene where on one side we will have ‘kisan’ and on the other side, ‘jawan’,” says BKU Spokesperson Rakesh Tikait pic.twitter.com/aF6JGk1UnP
— ANI (@ANI) January 14, 2021
राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर कई सप्ताह से जारी किसानों के प्रदर्शन को समाप्त करने में अब तक हुई आठ दौर की वार्ता में कोई सफलता नहीं मिली है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज दिन में कहा कि सरकार को शुक्रवार की निर्धारित वार्ता में सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है। टिकैत ने भी कहा कि प्रदर्शनकारी संघ शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक में भाग लेंगे।
क्या किसान संघों को शुक्रवार को होने वाली वार्ता से कोई उम्मीद है, इस सवाल के जवाब में भाकियू नेता ने कहा, ”देखते हैं कि कल क्या होता है। लेकिन, सरकार के साथ हमारी बैठकें तब तक जारी रहेंगी जब तक हमारा प्रदर्शन समाप्त नहीं हो जाता क्योंकि ऐसा होना जरूरी है।”







