पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक टैक्स सेविंग इंवेस्टमेंट के रुप में देखा जाता है। केन्द्र सरकार द्वारा संचालित होने की वजह से यह एक लो रिस्क इनवेस्टमेंट के तौर पर भी देखा जाता है। मौजूदा समय में पीपीएफ अकाउंट पर 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर दी जा रही है। कोई भी पीपीएफ अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है। लेकिन इसे पांच-पांच साल करके बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में पीपीएफ अकाउंट रिटायरमेंट के लिए एक बेहतर इनवेस्टमेंट है। अगर कोई लम्बे समय तक के लिए इसमें इनवेस्टमेंट करता है तो यह उसके लिए फायदेमंद रहेगा। 

SBI ने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, अब ऑनलाइन बदल पाएंगे ब्रांच, स्टेप बाय स्टेप समझें पूरा तरीका 

पीपीएफ अकाउंट के विषय में बात करते हुए टैक्स इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेन्द्र सोलंकी कहते हैं, ‘पीपीएफ को रिटायरमेंट के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। इसके लिए बस जरूरत है कि बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक फाॅर्म जमा करके पीपीएफ अकाउंट की अवधि 5 साल के लिए बढ़ाने की मांग की जाए। पीपीएफ अकाउंट होल्डर को 15 वें साल यह फाॅर्म जमा करना होगा। अगर कोई व्यक्ति 30 साल पर पीपीएफ अकाउंट खोलता है तो वह पांच साल करके अगले 15 वर्षों तक और अपने अकाउंट को संचालित कर सकता है।’ 

इस योजना के तहत सरकार महिलाओं का खाते में भेज रही है 5 हजार रुपये

इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट कार्तिक ज्वेहरी कहते हैं, ‘अगर कोई व्यक्ति बड़ा रिस्क नहीं ले सकता है तो उसे जल्दी ही पीपीएफ अकाउंट खोल लेना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति 9,000 रुपये महीने का इनवेस्टमेंट करता है तो उसे 15 साल बाद 29,29,111 रुपये मिलेंगे।’ अगर अगले 15 साल के लिए कोई पीपीएफ अकाउंट बढ़ा देता है तो उसे 1.11 करोड़ रुपये मिलेंगे। आसान भाषा में कहा जाए तो अगर कोई व्यक्ति 30 साल तक रोजाना 300 रुपये बचाता है तो वह पीपीएफ के जरिए करोड़पति बन सकता है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here