<br /><br />6 लाख मकान, गरीबों के नाम. ये कोई नारा नहीं है. ये सच्चाई है. उस सपने की, जो अब सच हो गया है. ये सपना देखा था उन 6 लाख 10 हजार गरीबों ने, कि कभी उनका अपना मकान होगा. जिसकी छत के नीचे वो आराम से



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here