कोरोना काल में केंद्र सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। इनमें से एक नियम फैमिली पेंशन का है। बीते दिनों पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इस नियम को लेकर सरकारी आदेश भी जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं क्या हैं नए नियम के बारे में।
क्या है नया नियम: दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों की मौत के बाद परिवार को मिलने वाले पेंशन भुगतान की सीमा 45 हजार से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपए प्रति माह तक कर दी गयी है। इसका आदेश अब जारी कर दिया गया है। बीते दिनों मोदी सरकार के मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया था कि पेंशन की नई सीमा पहले के मुकाबले ढाई गुना अधिक है।
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इस कदम से दिवंगत हो चुके कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों का जीवन आसान होगा और उन्हें पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने उस राशि के मामले में भी स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसमें अपने माता या पिता की मृत्यु हो जाने पर कोई बच्चा फैमिली पेंशन की दो किस्तें निकालने का हकदार होता है। उन्होंने बताया था कि अब ऐसी दो किस्तों की कुल राशि 1.25 लाख रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती।
कौन है योग्य: केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमन 1972 के अनुसार, अगर पति और पत्नी दोनों ही सरकारी सेवा में हैं और इस नियम के तहत आते हैं, तो उनकी मौत की स्थिति में उनका जीवित बच्चा अपने माता-पिता की दो फैमिली पेंशन पाने के योग्य होगा।
पहले क्या थे नियम: इससे पहले के निर्देशों में तय किया गया था कि ऐसे मामलों में दो फैमिली पेंशन की कुल राशि 45,000 रुपए प्रतिमाह और 27,000 रुपए प्रति माह, यानी क्रमश: 50 फीसदी और 30 फीसदी की दर से अधिक नहीं होगी। यह दर छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 90,000 रुपये के अधिकतम वेतन के संदर्भ में तय की गयी थी।







