Mukesh Ambani Vs Gautam Adani: रिन्‍यूएबल एनर्जी सेक्टर में भारत के दो सबसे दौलतमंद अरबपति- मुकेश अंबानी और गौतम अडानी आमने-सामने हैं। बीते दिनों रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने तीन वर्ष में स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन ईंधन में 75,000 करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) निवेश की घोषणा की थी। अब गौतम अडानी ने भी 20 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

क्या कहा गौतम अडानी ने: जेपी मॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर समिट में गौतम अडानी ने अपने प्लान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि अगले चार वर्ष में अपने रिन्‍यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन क्षमता को तीन गुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा हरित हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश करने, सभी डेटा सेंटर को नवीकरणीय ऊर्जा से चलाने, 2025 तक अपने बंदरगाहों के कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने की भी योजना है।

वहीं, 2025 तक हरित प्रौद्योगिकियों में पूंजीगत व्यय का 75 प्रतिशत हिस्सा खर्च करने की योजना बनायी है। उन्होंने कहा कि 20 अरब डॉलर का निवेश रिन्‍यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन, कलपुर्जों के निर्माण, ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्रों में किया जाएगा। गौतम अडानी ने आगे कहा कि हम दुनिया में सबसे सस्ते ग्रीन इलेक्ट्रॉन के निर्माता बनने की राह पर हैं।

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इससे पहले हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने भी तीन वर्ष में स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन ईंधन में 75,000 करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) निवेश की घोषणा की है। अंबानी ने इस महीने कहा था कि एक दशक में रिन्‍यूएबल एनर्जी से एक डॉलर प्रति किलोग्राम की लागत पर हाइड्रोजन बनाई जा सकती है। बता दें कि हाइड्रोजन में कार्बन उत्सर्जन नहीं होता है और इसे उद्योग और ऑटोमोबाइल में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।



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