एक कप चाय या एक सिगरेट की कीमत से भी कम में आपको हर महीना 5000 रुपये मिल सकता है। महज 7 रुपये रोजाना बचाकर आप अपना बुढ़ापा बेहतर कर सकते हैं। यह एक कप चाय या एक सिगरेट की कीमत से भी कम है। जी हां। आप अटल पेंशन योजना के तहत ऐसा कर सकते हैं।  बता दें अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के अंशधारकों की संख्या बीते वित्त वर्ष के अंत तक तीन करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

यह भी पढ़ें: कोरोना काल में मेडिकल इमर्जेंसी के लिए ऐसे जुटाएं फंड, आवेदन के कुछ ही सेकंड में आपके खाते में होगा पैसा

अटल पेंशन योजना का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए आपको इससे जल्दी जुड़ना पड़ेगा। अगर आप 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ते हैं तो आपको इस योजना में प्रतिदिन 7 रुपये जमा करके आप प्रति माह 5000 रुपये पेंशन पा सकते हैं। इसके लिए के लिए हर महीने  210 रुपये जमा करने होंगे। 60 साल की उम्र के बाद आपको हर महीने 5000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। वहीं, हर महीने 1000 रुपये की मासिक पेंशन के लिए प्रति माह केवल 42 रुरये जमा करने होंगे। जबकि, 2000 रुपये पेंशन के लिए 84 रुपये, 3000 रुपये के लिए 126 रुपये और 4000 रुपये मासिक पेंशन के लिए हर महीने 168 रुपये जमा करने होंगे।

 कौन उठा सकता है लाभ

इस योजना में 18 से 40 वर्ष की कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर पेंशन का लाभ उठा सकते हैं, जिनके पास बैंक या पोस्ट ऑफिस में अकाउंट है। इस योजना में 60 साल के बाद जमाकर्ताओं को पेंशन मिलना शुरू होती है। इस स्कीम में पेंशन की रकम आपके द्वारा किए गए निवेश और आपकी उम्र पर निर्भर करती है।

यह भी पढ़ें: पीएम किसान: 6000 नहीं, 36000 रुपये पा सकते हैं हर साल, आपको सिर्फ यह करना है

अधिक से अधिक कितना मिलेगा

इस योजना के तहत कम से कम 1,000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और अधिक से अधिक से 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत मई 2015 में की थी। इस पेंशन योजना के लिए अगर आप रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं तो आपके पास बचत खाता, आधार नंबर और  मोबाइल नंबर होना चाहिए।

करीब 70 प्रतिशत खाते सरकारी बैंकों में खुले

एपीवाई के कुल अंशधारकों की संख्या 3.02 करोड़ हो गई है। एपीवाई के 3.02 करोड़ अंशधारकों में से करीब 70 प्रतिशत खाते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने खोले हैं। वहीं 19 प्रतिशत खाते क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने खोले हैं। बीते वित्त वर्ष में इस योजना से 79.14 लाख नए अंशधारक जुड़े। इनमें से 28 प्रतिशत यानी 22.07 लाख अंशधारक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने जोड़े। केनरा बैंक ने 5.89 लाख और इंडियन बैंक ने 5.17 लाख नए अंशधारक जोड़े।  इनके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, एयरटेल भुगतान बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आर्यवर्त बैंक और बड़ौदा यूपी बैंक आदि ने एक से पांच लाख नए एपीवाई खाते जोड़े। 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here