भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को फैमली पेंशन लाइबिलिटी  मामले पर बैंकों को बड़ी राहत दी है। आरबीआई ने बैंकों को 2021-22 से शुरू होने वाले 5 वर्षों तक फैमिली पेंशन में संशोधन के कारण अतिरिक्त देयता में रिवीजन की अनुमति दे दी है। हालांकि इस मामले में आरबीआई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वित्तीय विवरणों में ‘नोट्स टू अकाउंट’ के संबंध में अपनाई जाने वाली अकाउंटिंग पाॅलिसी का भी खुलासा करना होगा। 

यह भी पढ़ेंः PM Kisan की अगली किस्त न रुकने पाए तो 13 अक्टूबर तक यह काम कर लें उत्तर प्रदेश के किसान, योगी सरकार दे रही है बड़ा मौका

बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से इस बाबत में इंडियन बैंक एशोशिएशन ने अनुरोध किया था। फैमिली पेंशन में हुए संशोधन के बाद कई बैंकों की देनदारी काफी अधिक होगी जिसे उन्हें एक साल चुकता करना आसान नहीं होगा। इंडियन बैंक एशोशिएशन के सीईओ सुनील मेहता ने कहा 1.5 फैमिली पेंशनर्स को इसका फायदा होगा। 

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘फैमली पेंशन को एप्रूव करने करने के वित्त मंत्री का आभार। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऋण चुकता करने के हमारे अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया है।’ 1.5 लाख फैमिली पेंशनर्स को इसका फायदा मिलेगा। 

यह भी पढ़ेंः PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, FD में किया है निवेश? जानिए कितने सालों में होगा पैसा डबल, ऐसे करें चेक

फैमिली पेंशन को लेकर क्या हुआ था ऐलान 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पब्लिक सेक्टर के बैंक (पीएसबी) के कर्मचारियों के फैमिली पेंशन को लेकर अहम ऐलान किया था। इसके तहत बैंक कर्मचारी की मौत के बाद परिवार को मिलने वाली पेंशन की रकम में इजाफा किया गया।  दरअसल, बैंक के मृत कर्मचारियों के परिवार के लिए मासिक फैमिली पेंशन बढ़ाकर कर्मचारी के आखिरी मूल वेतन का 30 प्रतिशत किया गया है। इस फैसले से मासिक फैमिली पेंशन बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपए तक की मिलेगी।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here