पश्चिम बंगाल में हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती (Bengal Assembly Election Results) कुछ ही देर में शुरू होने वाली है। इस विधानसभा चुनाव में बंगाल की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम (Nandigram) रही। यहां मुकाबला मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और हाल ही में भगवा झंडा थामने वाली बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के बीच है।
Nandigram Seat Live Counting:
>> पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के आने के पहले ही भाजपा में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सरकार बनने की स्थिति में पार्टी के लगभग आधा दर्जन नेता ऐसे हैं जिनको प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इनमें प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय, ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
आठवें चरण की वोटिंग के बाद सामने आए कुछ सर्वे एजेंसी और टीवी चैनल्स के एग्जिट पोल में ममता बनर्जी के नंदीग्राम में चुनाव हारने का आकलन किया गया है। हालांकि टीएमसी के नेता लगातार नंदीग्राम और बंगाल जीतने की बात कह रहे हैं।
क्या रहा है नंदीग्राम सीट का सियासी इतिहास?
इस सीट पर 2009 के उपचुनाव से तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2016 के विधानसभा चुनाव में बतौर टीएमसी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी की जीत हुई थी। उन्होंने लेफ्ट उम्मीदवार अब्दुल कबीर शेख को 81 हजार से अधिक मतों से हराया था। उन्हें ममता कैबिनेट में मंत्री भी बनाया गया था। हालांकि इस विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारी ने बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने इसी सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।
शुभेंदु अधिकारी से पहले लेफ्ट का था कब्जा
शुभेंद्र अधिकारी से पहले नंदीग्राम सीट पर बतौर टीएमसी उम्मीदवार फिरोजा बीबी ने दो बार जीत दर्ज की। इस विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया। उन्होंने लगभग एक सप्ताह तक नंदीग्राम में डेरा डाले रखा। एक अप्रैल को इस सीट पर 88 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।







