बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को धमदाहा में आयोजित अंतिम सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि अंत भला तो सब भला। उनके मुंह से इससे पहले यह भी निकला कि यह मेरा आखिरी चुनाव है, लेकिन उनके कहने का आशय कुछ और था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना पहुंचने के बाद जदयू ने आधिकारिक बयान में सीएम के बयान के आशय स्पष्ट किए। बताया गया कि नीतीश कुमार ने कहा है कि इस चुनाव के प्रचार का यह मेरा अंतिम दिन है। जदयू ने साफ किया है कि बिहार की जनता जबतक चाहेगी नीतीश कुमार काम करते रहेंगे। नीतीश कुमार ने खुद भी कहा है कि जनता की सेवा करना मेरा काम है और मेवा लूटना औरों का। हालांकि, नीतीश के बयान को लेकर विपक्ष के पाले से सियासी बयानबाजी तेज हो गई।
नई औद्योगिक नीति से बिहार में पलायन रुकेगा
पूर्णिया के धमदाहा और कटिहार में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस बार बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी तो बिहार में अगले पांच साल में औद्योगिक नीति को लागू किया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। बिहार में औद्योगिक नीति लागू होने के बाद बिहार से पलायन समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार लगातार विकास के पथ पर चल रहा है। हमलोग मिलकर बिहार को नयी बुलंदियों पर ले जाएंगे। केंद्र का सहयोग और राज्य के प्रयास से बिहार का विकसित राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध निचले पायदान पर है। विकास दर अधिक है। औसतन प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनता को मिल रही सुविधाओं का भी जिक्र किया।
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एनडीए बिहार के करोड़ों परिवारों की बात करता है
विपक्ष पर हमलावर होते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वे सिर्फ अपने परिवार की बात करते हैं और एनडीए बिहार के करोड़ों परिवार की बात करता है। अब बिहार के लोगों को चुनना है कि उन्हें कौन सी सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार बनाने का आपने मौका दिया तो हर गांव को सौर ऊर्जा की रोशनी से चकाचौंध कर देंगे।
हमने बिहार के विकास के लिए दिन रात काम किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने जब-जब मौका दिया तो बिहार के विकास के लिए दिन रात काम किया। महिलाओं को पंचायती राज चुनाव में 50% आरक्षण का लाभ दिया गया, बल्कि सरकारी सेवा में भी 33 फीसदी आरक्षण लाकर महिलाओं को आगे लाने का हर संभव प्रयास किया है। जीविका के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया गया है।
पक्ष-विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया
नीतीश कुमार ने यह कहा कि चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। वह रिटायर होने का फैसला कैसे ले सकते हैं। वह दृढ़ निश्चयी हैं। बिहार के विकास का जैसा काम किया है उससे लोग नहीं चाहेंगे कि वे ऐसा निर्णय लें। वह सार्वजनिक जीवन में बने रहेंगे।
-बशिष्ठ नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, जदयू
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हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्णत: थक चुके हैं और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।
-तेजस्वी प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष, बिहार
नीतीश कुमार बड़े हैं, मैं सम्मान करता हूं। उन्होंने चुनाव में हार तय देख तीसरे चरण के मतदान के पहले ही ‘आखिरी चुनाव’ होने की घोषणा कर दी। अब यह तय हो गया कि बिहार तरक्की की राह पकड़ेगा।
– रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस
बिहार की जनता ने उनकी विदाई का मन पूरी तरह से बना लिया है। 10 नवम्बर को जब चुनाव परिणाम आएगा तब इस पर मुहर भी लग जायेगी। यह चुनाव एक तरह से नीतीश कुमार की राजनीतिक पारी का अंत है।
– दीपांकर भट्टाचार्या, माले महासचिव
नीतीश कुमार का एलान कि यह उनका आखिरी चुनाव है, से जदयू के नेताओं में हड़कंप मच गया है। जदयू के कई नेता बेरोजगार हो गये हैं। आगे भी वे बेरोजगार ही रहेंगे।
–चिराग पासवान, लोजपा प्रमुख
‘पॉलिटिक्स विथ डिफरेंस’ के लिए सीएम जाने जाते हैं। चुनावी भाषण में राज्य के विकास को और तेज करने के लिये जनता से वोट मांगा है। कहा है कि अंत भला तो सब भला। नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर सरकार बनेगी।
-नीरज कुमार, सूचना मंत्री







