बिहार में जल्द होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा नया प्रयोग करेगी। पार्टी ने अपने समर्थकों को भी स्थानीय निकाय के चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। पार्टी जिला परिषद से इसकी शुरुआत करेगी। साथ ही जिला परिषद के उन उम्मीदवारों को भाजपा समर्थन देगी, जिनके विचार पार्टी से मेल खाएंगे। शनिवार को पटना में शुरू दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने इसकी घोषणा की।
बेली रोड में अवस्थित किसान पैलेस के ठाकुर प्रसाद सभागार में आयोजित कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी की ओर से यह पहला प्रयोग किया जा रहा है। चूंकि बिहार में दलीय आधारित स्थानीय निकाय चुनाव नहीं होते हैं, इसलिए जिला परिषद से इसकी शुरुआत की जा रही है। हम जिला परिषद के उन उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे जिनके विचार भाजपा से मेल खाएंगे।
मुखिया समेत सभी पदधारक 31 मार्च तक देंगे संपत्ति ब्योरा
मुखिया समेत त्रिस्तरीय पंचायत के सभी पदधारक 31 मार्च तक संपत्ति (चल-अचल) का ब्यौरा सार्वजनिक करेंगे। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को रिमाइंडर भेजा है। इन पदधारकों में मुखिया, उप मुखिया, प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख और जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष आते हैं।
गौरतलब हो कि पूर्व में भी इस तरह के आदेश जिलाधिकारियों को जारी किए गए थे, जिसमें पंचायत के पद धारकों से संपत्ति का ब्यौरा लेकर वेबसाइट पर अपलोड करने की बात कही गई थी। जिलों के वेबसाइट पर संपत्ति का ब्यौरा अपलोड करने की बात कही गई थी। फिर पंचायत चुनाव के ठीक पहले जिलों को भेजे गए रिमाइंडर काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इस बाबत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारियों को भी दिया गया है।







