#Biharpolitics#Nitishkumar#Pappuyadav#ExcmJitanram#BJPMPRajivpratapsinghrudi#PMmodi

बिहार में राजीतिक उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही हिन्दुतानी अवाम मोर्चा पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम को फोटो खिंचाने और प्रचार का इतना ही शौक है तो कोविड से मरने वाले प्रमाण प़त्र पर अपनी फोटो लगवानी चाहिये। सरकार मंे शामिल दल की ओर से सीधा पीएम पर हमला पहली बार किया गया है। इससे पहले सरकार में शामिल पूर्व सीएम जीतनराम मांझी और सरकार में मत्री मुकेश साहनी ने जन अधिकार पार्टी अध्यक्ष पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर अपना ऐतराज जताया था। दोनों ही नेताओं ने सोशल मीडिया पर पप्पू यादव के समर्थन जताया था। इन सब वाकयों से साफ झलकता है कि बिहार सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
चर्चा यह है कि जनाधिकार पार्टी के पूर्व सांसद चीफ पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन ने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी के आवास पर जा कर एंबुलेंस घोटाले का दावा किया। उन्होंने सांसद रूड़ी पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने कोरोना महामारी के बीच अपने आवास पर 70 से अधिक सासंद निधि खरीदी गयी एंबुलेंस पायी गयी हंै। पप्पू यादव का यह वीडियो वायरल हो गया। इससे बीजेपी तमतमा उठी और बिहार सरकार से अपनी नाराजगी जतायी। अगले ही दिन पप्पू यादव को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय उनसे यह बताया कि उन्होंने कोविड कानूनों का उल्लंघन किया हैं। कुछ घंटों बाद ही उन्हें 32 साल पूर्व एक मामले में जेल भेज दिया। इससे विपक्ष में काफी नाराजगी जतायी गयी। उसी समय पूर्व सीएम जीतनराम मांझी और बिहार सरकार मंे मंत्री मुकेश साहनी ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया था।
नितीेश कुमार की स्थिति सांप छछंूदर की हो गयी है। न तो वो जीतनराम मांझी को धमका सकते हैं और न ही बीजेपी की नाराजगी झेली जा सकते है। नितीश कुमार सीएम तो हैं लेकिन सबसे कमजोर। सीएम होते हुए भी वो बीजेपी के आगे अपने निर्णय को मजबूती से नहीं रख सकते। अगर हऐसा करते हैं बीजेपी उनकी सरकार से समर्थन वापस लेकर उन्हें सीएम पद से हटा कर अपना सीएम ऐलान कर सकती है।
जब से बिहार में नितीश सरकार बनी है तभी से सरकार में शामिल साथी दल और बीजेपी में खींचतान चल रही है। नितीश कुमार अपने वजूद की लड़ाई को लेकर काफी पजेसिव हो गये हैं। मुख्यमंत्री होने के नाते प्रदेश में जो कुछ भी रहा है सब उनसे जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष अगर समस्याओं का समाधान पूछते हैं। उनसे परेशान वो विपक्ष को पुलिस और कानून का भय दिखा रहे हैं। पे्रस व मीडिया के सामने भी वो अपना गुस्सा दिखाने से नहीं चूकते हैं। इसके बाद एनडीए व सरकार में शामिल दलों की नाराजगी भी नितीश कुमार को झेलनी पर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here