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क्या बीजेपी का सहारा राम ही हैं
बिहार में आरजेडी और जेडीयू की सरकार चल रही है। कांग्रेस का भी इस सरकार को समर्थन है। हाल ही में बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को लेकर एक विवादित बयान दिया जिसको लेकर पूरे देश में गुस्से में है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने नालंदा दीक्षांत समारोह में कहा कि मनुस्मृति, रामचरित मानस और बंच आफ थॉट्स को जला देना चाहिये। इनके नाम पर ही समाज में नफरत फैलाई जा रही है। जब से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का यह बयान मीडिया में आया है तभी से वो हिन्दू संगठनों के निशाने पर है। देश के अनेक हिस्सों में मंत्री चंद्रशेखर के खिलाफ मामले दर्ज करा रहे हैं। श्क्षिा मंत्री के खिलाफ उनके बयान को लेकर दिल्ली में मामला दर्ज कराया गया था। कुछ लोग उनके समर्थन में भी उतरे हैं। बीजेपी ने तो शिक्षा मंत्री को लेकर बिहार सरकार को घेरना शुरू कर दिया। वो मांग कर रहे हैं कि हिन्दू धर्म विरोधी शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को तत्काल बर्खास्त किया जाये। मालूम हो कि चंद्रशेखर राजद के कोटे से बिहार सरकार में मंत्री बनाये गये हैं। जब से बिहार में नितीश कुमार ने एनडीए से किनारा किया है तभी से बीजेपी लगातार नितीश सरकार को घेरने की कोशिश में लगी हुई है।

चंद्रशेखर को लेकर जेडीयू और आरजेडी में तना तनी
जब से नालंदा दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को लेकर विवादित बयान दिया है तब से सरकार के वजूद पर सवाल लगना शुरू हो गया है। भाजपा नेता तो यह कह रहे हैं कि नितीश कुमार नाम के सीएम हैं तेजस्वी यादव बिहार को चला रहे हैं। नितीश कुमार ने आरजेडी के आगे हथियार डाल दिये हैं। यही वजह है कि वो शिक्षा मंत्री को हटा नहीं पा रहे हैं। उन पर आरजेडी का दबाव है। उधर आरजेडी के कई नेता शिक्षा मंत्री के समर्थन में बयान दे रहे हैं।
चंद्रशेखर के समर्थन में योगी सरकार के मंत्री का बयान
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यूपी में योगी सरकार के एक मंत्री अब बिहार के शिक्षामंत्री के समर्थन में बयान दिया है। उनका वीडियो वायरल हो रहा है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद वीडयो में कह रहे हैं कि राम और निषाद राज दोनों का जन्म मखौड़ा घाट पर हुआ था। उनका जन्म नियोग विधि से खीर खिलाने के बहाने हुआ था। तब इस विधि को सम्मानित माना जाता था। राम दशरथ के तथाकथित पुत्र थे वास्तविक पुत्र नहीं थे। दशरथ के असली पुत्र श्रंग ऋषि निषाद थे। दिलवचस्प बात यह है कि संजय निषाद का यह वीडियो काफी पुराना है इसके लिये उन्होंने माफी भी मांगी थी। पुराने वीडियो के बिना पर विरोधी दल संजय निषाद को मंत्रिमडल से निकालने की मांग कर रहे हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्या ने क्यों दिया विवादित बयान
पूर्व मंत्री और सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरित मानस के बारे में यह कह कर हैरान कर दिया कि वो धर्म के नाम आदिवासी और दलितों का अत्याचार को बर्दाश्त नहीं कर सकते हें। वो श्रीराम के परम भक्त हैं लेकिन तुलसीदास रचित रामचरित मानस में वर्णित बात को नहीं मानते हैं जिसमें दलित और शूद्रों के उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। बहरहाल समाजवादी पार्टी ने मौर्या के बयान से दूरी बना ली है। सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सदा से श्रीराम और कृष्ण के कुल को मानते आये हैं। वो स्वामी प्रसाद के बयान से सहमत नही हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ यूपी पुलिस ने धार्मिक भावना आहत करने का मामला दर्ज किया है।
स्वामी प्रसाद मोर्या के बचाव में पोस्ट किया वीडियो
लेकिन एसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद निशाने पर आई एसपी ने इस वीडियो को फिर ढूंढ निकाला है एसपी नेता रोली तिवारी मिश्रा ने ये वीडियो शेयर कर लिखा है, “प्रभु श्रीराम के जन्म पर सवाल खड़े करने का साहस भी कैसे हुआ इनका? शर्मनाक बात ये कि ये भाजपा सरकार के मंत्री हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ जी श्रीराम का अपमान करने वाला आपकी कैबिनेट में अब तक क्यों है? राजनीतिक स्वार्थ में ये इंसान हमारे भगवान से बढ़कर हो गया? बरखास्त कीजिये इन्हें।”
सीबीआई के निशाने पर लालू परिवार को घेरा
बिहार में जब से एनडीए सरकार का पतन हुआ है तभी से जांच एजेंसियां एक बार फिर से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के खिलाफ ऐक्टिव हो गयी हैं। सीबीआई ने फिर से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ रेलवे में नौकरी के नाम पर हुए घोटाले की फिर से मामला दर्ज कर दिया है। इस मामले में अब लालू प्रसाद व उनके परिवार के तेजस्वी यादव को नामजद किया गया है। मालूम हो कि इस मामले में लालू औ तेजस्वी यादव को अदालत से राहत मिल चुकी है। केन्द्र लालू यादव परिवार के बहाने नितीश कुमार को घेरने का काम कर रही है। ताकि नितीश कुमार आगामी आम चुनाव से पहले वो एनडीए का हिस्सा बन जायें।








