नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट पेश किया. इस बजट में वित्त मंत्री ने कई योजनाओं का ऐलान किया. खास बात यह रही कि यह बजट पेपरलेस रहा. वित्त मंत्री ने टैब में देखकर बजट पढ़ा. इस बजट में केंद्र सरकार ने उन राज्यों का खास ख्याल रखा है जिनमें अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. एक तरफ सत्तापक्ष जहां इस बजट को ऐतिहासिक बनाने में लगा हुआ है वहीं विपक्ष इसे खोखला बता रहा है. मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) चीफ कमल हासन ने बजट को पूंजीपतियों को समर्थन देने वाला और आम लोगों के लिए निराशाजनक बताया है.

कमल हासन ने कहा इस बजट से लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं. एक बार फिर केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों को सपोर्ट करने वाला बजट पेश किया है और आम लोगों को निराश किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ”महामंदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बुरी प्रभावित किया है, जो पहले से ही खराब आर्थिक नीतियों से तबाह हो गई है. बजट की जो अपेक्षाएं रखी गई थीं, वे ऐसे माहौल में पूरी नहीं हुई हैं जहां हर भारतीय बुरी तरह प्रभावित है.”

कांग्रेस ने भी इस बजट को जनता से छलावा बताया है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार बड़े बड़े पूंजीपतियों की मदद करती है और जनता के साथ धोखा करती है. कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र का यह बजट एक चुनावी बजट है जो बंगाल तमिलनाडु और असम में चुनावी फायदे के लिए लोकलुभावन वादे कर रहा है.

कांग्रेस के अलावा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश की संपत्ति को बेचने की तैयारी में है. इधर जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट को बेहद संतुलित बताया. उन्होंने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि कोरोनावायरस के दौरान राजस्व संग्रहण में आई दिक्कतों के बावजूद बजट को संतुलित बनाने के लिए केंद्र सरकार बधाई की पात्र है.





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