<p style=”text-align: justify;”>वर्तमान में हम अक्सर किसी भी कार्य पर पूर्णता से विचार किए बिना ही उसमें जुट जाते हैं. ऐसे में उसके गुण दोष और सफलता संदिग्ध हो जाते हैं. आज आवश्यक है कार्य करने से पहले कई स्तर पर मनन महत्वपूर्ण है. आचार्य चाणक्य ने इसके लिए



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